2 समुदाय में हुए विवाद को लेकर माहौल तनावपूर्ण, ASI सहित 2 कर्मी घायल, धारा 163 लागू, देखें वीडियो

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सिरमौरः हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिला के माजरा थाना क्षेत्र में 2 समुदायों के विवाद हो गया। बताया जा रहा है कि यह विवाद एक नाबालिग लड़की के कथित अपहरण से जुड़ा है। आरोप है कि दूसरे समुदाय विशेष का एक युवक लड़की को बहला-फुसलाकर ले गया है। दोनों में विवाद इतना बढ़ गया कि घटना में स्थिति तनावपूर्ण हो गई। इलाके में भारतीय न्याय संहिता ( BNSS) की धारा 163 लागू कर दी गई है। यानी एक जगह पर 4 से ज्यादा लोगों के इकट्ठा होने पर रोक रहेगी। पहले ये प्रावधान 144 के तहत था। जानकारी के मुताबिक, इस टकराव के दौरान पुलिस का एक एएसआई, एक हेड कांस्टेबल और एक कांस्टेबल भी घायल हुए है।

साथ ही समुदायों के करीब दस लोग भी झड़प में घायल हुए हैं। पुलिस को पहले से आशंका थी कि भीड़ माजरा चौक पर जुट सकती है, लेकिन हालात उस वक्त बिगड़ गए जब लोगों की भीड़ डंडे लेकर बाइकों व वाहनों में मटक माजरी-फतेहपुर होते हुए युवक के गांव पहुंच गई। जानकारी यह भी है कि तोड़फोड़ भी हुई है। स्थानीय लोगों में घटना को लेकर गहरी नाराज़गी थी। उन्होंने शुक्रवार तक लड़की को पेश करने की मांग की थी और चेतावनी दी थी कि यदि ऐसा नहीं हुआ तो आंदोलन छेड़ा जाएगा। चेतावनी को लेकर पुलिस सजग थी। लड़की बीते 4 जून से लापता है, मगर मामला हाल ही में पुलिस के संज्ञान में आया।

हालांकि, युवक का घर बंद पाया गया, लेकिन इसके बावजूद वहां दोनों तरफ से पथराव शुरू हो गया, जिससे क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई। भयावह स्थिति के चलते पांवटा साहिब के एसडीएम को भी अपनी सुरक्षा के लिए भागना पड़ा। जानकारी के मुताबिक एक पक्ष की लगभग 200 महिलाएं भी लड़के के घर की ओर बढ़ीं, जिससे स्थिति और अधिक तनावपूर्ण हो गई। घटनास्थल पर हिमाचल भाजपा अध्यक्ष डॉ राजीव बिंदल व पावंटा साहिब के विधायक व पूर्व मंत्री सुखराम चौधरी भी मौजूद थे। स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए पुलिस को हल्का बल प्रयोग करना पड़ा।

पहले से ही सुरक्षा व्यवस्था के तहत लगभग 50 पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया था। इस बीच, पुलिस अधीक्षक एनएस नेगी, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक योगेश रोल्टा और डीएसपी (मुख्यालय) रमाकांत ठाकुर के साथ मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों से संवाद कर उन्हें आश्वस्त किया कि पुलिस मामले को गंभीरता से ले रही है और उचित कार्रवाई कर रही है। इधर, पांवटा साहिब के विधायक सुखराम चौधरी ने भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल की उपस्थिति में प्रदर्शनकारियों से सख्त लहजे में बात की।

उन्होंने स्पष्ट किया कि “हम आपकी भावनाएं समझते हैं, लेकिन कानून को अपने हाथ में लेना किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं किया जा सकता। चौधरी ने कहा कि शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन किया जायेगा। प्रशासन और पुलिस के प्रयासों से हालात पर धीरे-धीरे नियंत्रण पाया जा रहा है। लगातार लोगों को समझाने और तनाव को कम करने के प्रयास किए जा रहे हैं। कहा जा रहा है कि घटना से पहले लड़की ने पुलिस को एक वीडियो संदेश भी भेजा, जिसमें उसने स्वयं के सुरक्षित होने की बात कही और पुलिस से सुरक्षा की गुहार लगाई। फिलहाल, क्षेत्र में माहौल तनावपूर्ण लेकिन नियंत्रण में बताया जा रहा है। पुलिस द्वारा आगे की कार्रवाई जारी है।

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पुलिस को दोनों पक्षों को अलग रखने के लिए सख्त कदम उठाने पड़े। ताज़ा जानकारी के अनुसार, पूरे क्षेत्र में अतिरिक्त सुरक्षा बलों की गश्त बढ़ा दी गई है। आवश्यकता पड़ने पर 6वीं आईआरबी बटालियन से भी जवानों को बुलाने की तैयारी की जा रही है, ताकि क्षेत्र में किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति को रोका जा सके। पावंटा साहिब के डीएसपी मानवेंद्र ठाकुर ने तीन पुलिस कर्मियों के घायल होने की पुष्टि की है। साथ ही बताया स्थिति नियंत्रण में है। एसपी एनएस नेगी ने कहा की कानून व्यवस्था बनाये रखने के लिए इलाके में देर रात से धारा 163 लागू की गई है।

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