Punjab News: हरदीप निजर की मौत के मुद्दे को लेकर दल खालसा का आया बयान, देखें वीडियो

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अमृतसरः दल खालसा पार्टी के वरिष्ठ नेता परमजीत सिंह मंड ने 3 प्रमुख मुद्दों पर अहम प्रेस कांफ्रेंस की। मंड ने बताया कि दल खालसा ने जी-7 बैठक के दौरान भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कनाडा यात्रा और वहां भाई हरदीप सिंह निजर की मौत से संबंधित मुद्दे पर हुई चर्चा पर अपनी गंभीर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि भाई निजर की शहादत और भाई गजिंदर सिंह की बरसी को समर्पित करते हुए विशेष कार्यक्रमों की रणनीति तय की गई है तथा इस संबंध में 3 जुलाई को श्री अकाल तख्त साहिब के गुरुद्वारा बाबा गुरबख्श सिंह में अखंड पाठ साहिब आरंभ किए जाएंगे, जिनके 5 जुलाई को सुबह 8 बजे भोग डाले जाएंगे तथा इसके साथ ही भारत व कई अन्य देशों में विभिन्न स्थानों पर भाई हरदीप सिंह निजर व भाई गजिंदर सिंह की याद में गुरुद्वारा साहिब में अखंड पाठ साहिब के भोग डाले जाएंगे।

एसजीपीसी के नए जत्थेदार बारे बोलते हुए उन्होंने कहा कि जत्थेदार श्री अकाल तख्त साहिब की विवादास्पद नियुक्ति पर दल खालसा ने कड़ा रुख अपनाया है। यह मुद्दा धार्मिक ही नहीं बल्कि राजनीतिक भी बन गया है। दल खालसा ने घोषणा की कि आने वाले दिनों में जन जागरूकता अभियान के माध्यम से इन मुद्दों को पूरी गंभीरता के साथ आगे बढ़ाया जाएगा। इसके साथ ही दल खालसा प्रवक्ता कवरपाल बिट्टू ने भाई हरदीप सिंह निजर की शहादत की दूसरी वर्षगांठ के अवसर पर कनाडा व भारत के संबंधों पर बड़े सवाल उठाए हैं। बिट्टू ने जी7 शिखर सम्मेलन के दौरान नरेंद्र मोदी को निमंत्रण दिए जाने पर भी गंभीर आपत्ति जताई।

उन्होंने कहा कि निजार की हत्या के लिए भारत जिम्मेदार है। पिछली कनाडाई सरकार द्वारा सिख समुदाय की खुफिया एजेंसी पर लगाए गए आरोप सिख समुदाय के लिए गंभीर मामला बन गए हैं। नई कनाडाई सरकार द्वारा जी-7 शिखर सम्मेलन में नरेंद्र मोदी को आमंत्रित करने से सिख कनाडाई समुदाय में चिंता और आक्रोश पैदा हो गया है। कनाडा की गुरुद्वारा कमेटियों और सिख संगठनों ने इस फैसले पर अपनी आपत्ति दर्ज कराई है और दल खालसा ने 14 तारीख को एक पत्र के माध्यम से कनाडाई प्रधानमंत्री मार्क कियर्नी को अपना रुख पत्र भी भेजा है। उन्होंने कहा कि सिख समुदाय नहीं चाहता कि व्यापारिक लाभ की आड़ में भाई निजार की शहादत को नजरअंदाज किया जाए।

मानवाधिकारों के उल्लंघन के जरिए बनाए गए रिश्ते स्थिर नहीं हो सकते। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे भारत और किसी भी देश के बीच समृद्ध और न्यायपूर्ण संबंधों के समर्थक हैं और दल खालसा खुद चाहता है कि भारत और पाकिस्तान के बीच माहौल तनावपूर्ण न हो। अमृतपाल सिंह मेहरो को लेकर उन्होंने कहा कि अगर अमृतपाल मेहरो ने कोई गलत कदम उठाया है तो उसे खुद इसकी कीमत चुकानी पड़ेगी। सोशल मीडिया पर गलत वीडियो शेयर करने वालों को रोकना सरकार का काम है। हम परिवार के मुखियाओं से भी अपील करते हैं कि वे अपने बच्चों को ऐसे वीडियो अपलोड करने से रोकें ताकि ऐसा माहौल दोबारा न बने। अगर ऐसे प्रभावशाली लोग अपनी गलती मान लेते हैं तो यह भी अच्छी बात है।

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