ऊना/सुशील पंडित: भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (IIIT) ऊना और भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) कानपुर ने एक दीर्घकालिक सहयोग की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए आपसी समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं। इस समझौते का उद्देश्य अनुसंधान, नवाचार और शैक्षणिक उत्कृष्टता को बढ़ावा देना है। यह MoU दोनों संस्थानों की साझा सोच को दर्शाता है, जिसमें वे पारस्परिक लाभ के लिए विभिन्न तरीकों से मिलकर कार्य करेंगे।
इस समझौते के अंतर्गत, दोनों संस्थान निम्नलिखित पहलुओं पर मिलकर कार्य करेंगे:
• संयुक्त अनुसंधान परियोजनाएं: दोनों संस्थानों के शिक्षक और छात्र उभरती तकनीकों के क्षेत्रों में मिलकर शोध करेंगे।
• स्टार्टअप इकोसिस्टम का विकास: नवाचार और उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए इनक्यूबेशन गतिविधियों, स्टार्टअप्स को मेंटरशिप, और नवाचार प्रतियोगिताओं का आयोजन।
• प्रशिक्षण कार्यक्रम और कार्यशालाएं: तकनीकी कौशल और ज्ञान बढ़ाने के लिए संयुक्त प्रशिक्षण सत्र, फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम और छात्रों के लिए कार्यशालाएं आयोजित की जाएंगी।
• शैक्षणिक सहयोग: अतिथि व्याख्यान, संयुक्त सेमिनार, पाठ्यक्रम विकास और शैक्षणिक संसाधनों का आदान-प्रदान।
• प्रयोगशालाएं और अवसंरचना विकास: दोनों संस्थानों के लिए उन्नत अनुसंधान प्रयोगशालाओं और नवाचार केंद्रों की स्थापना और साझा उपयोग।
• संसाधनों का साझाकरण: एक-दूसरे की अनुसंधान सुविधाओं, तकनीकी उपकरणों और शैक्षणिक संसाधनों का उपयोग साझा रूप से करना।
यह सहयोग छात्रों, शिक्षकों और शोधकर्ताओं को बहुविषयक सीखने, नवाचार और उद्यमशीलता के लिए बेहतर अवसर प्रदान करेगा। दोनों संस्थान एक-दूसरे की क्षमताओं और संसाधनों का लाभ उठाकर भारत के बढ़ते प्रौद्योगिकी और नवाचार क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान देने का लक्ष्य रखते हैं।
इस अवसर पर, IIIT ऊना के निदेशक प्रो. मनीष गौर ने कहा, “यह समझौता हमारे शैक्षणिक और अनुसंधान लक्ष्यों की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। IIT कानपुर जैसे प्रतिष्ठित संस्थान के साथ सहयोग करना न केवल हमारी शोध क्षमताओं को मजबूत करेगा, बल्कि नवाचार, स्टार्टअप विकास और अकादमिक प्रगति के नए रास्ते भी खोलेगा। हमें विश्वास है कि यह साझेदारी सार्थक परिणाम लाएगी।”

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