मॉनसून की शुरुआत में बाढ़ का तांडव, 15 से 20 मजदूर बह गए, 2 की मौत, फंसे वाहन, देखें वीडियो

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धर्मशालाः हिमाचल प्रदेश में मॉनसून की शुरुआत में ही तांडव देखने को मिला है। कुल्लू के बाद अब कांगड़ा में हाईड्रो प्रोजेक्ट के पास खड्ड में फ्लैश फ्लड आने से 15 से 20 मजदूर बह गए। धर्मशाला से भाजपा विधायक सुधीर शर्मा ने इस बात की पुष्टि की है। फिलहाल, दो शव बरामद कर लिया गया है। वहीं दूसरी ओर कसोल में भारी बारिश होने से ग्राहण नाले में बाढ़ आ गई। बाढ़ ने कसोल में पार्किंग को भी आगोश में लिया और यहां पार्क वाहन फंस गए। लोगों और वाहन चालकों ने एक-दूसरे को सीटियों और फोन के माध्यम से अलर्ट किया और नाले से दूर हटने के लिए कहा। वहां काफी देर तक अफरा-तफरी का माहौल रहा।

गनीमत यह रही कि बाढ़ के बाद अचानक मौसम थम गया और पानी कम होने से वाहन बहने से बच गए। सूचना मिलते ही मणिकर्ण पुलिस थाना के एसएचओ और उनकी पूरी टीम, वन विभाग से आरओ, राजस्व विभाग की टीम, स्थानीय रेस्क्यू दल, टैक्सी यूनियन के पदाधिकारी और चालक समेत अन्य लोग मौके पर पहुंचे। यही नहीं, जेसीबी के माध्यम से वाहनों को बाढ़ के बीच से सुरक्षित निकाला गया। जानकारी के अनुसार कसोल पार्किंग में 15 के करीब वाहन पार्क थे। एसएचओ मणिकर्ण ने सभी वाहन मालिकों से अपील की है कि लोग दी-नालों की तरफ न जाएं।

मिली जानकारी के अनुसार, धर्मशाला के पास धर्मशाला में इंदिरा प्रियदर्शनी हाइड्रल प्रोजेक्ट, सोकणी दा कोट (खनियारा) में मणुणी खड्ड में पानी का बहाव अचानक बढ़ने से लगभग 15 से 20 मज़दूर बह गए। ये सभी खड्ड किनारे बने शेड में रह रहे थे। चंबा के रहने वाले मजदूर धर्मेंद्र ने बताया कि पावर हाउस के ब्रिज नंबर एक के पास की यह घटना हुई है। उन्होंने बताया कि बुधवार दोपहर एक बजे के करीब मौसम साफ हो गया था और फिर एकाएक फ्लड आ गया। वह प्रोजेक्ट में बैल्डर का काम करते हैं। हाईड्रो प्रोजेक्ट में काम करने वाले मजदूर परवेज मोहम्मद ने बताया कि एक दम से खड्ड में पानी बढ़ गया और शेड में लोग बह गए हैं। मजदूर ने बताया कि एक डेडबॉडी उन्होंने देखी है। इस घटना में एक गाड़ी भी बह गई है।

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