24 किसानों का दल मधुमक्खी प्रशिक्षण के लिए रामनगर के लिए रवाना, डॉ केके भारद्वाज ने दिखाई हरि झंडी

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ऊना/सुशील पंडित: मधुमक्खी पालन को बढ़ावा देने और शहद का व्यावसायिक उत्पादन बढ़ाने के मकसद से रविवार को जिला ऊना के 24 किसानों को एकीकृत मधुमक्खी पालन विकास केंद्र, रामनगर (कुरुक्षेत्र) में 5 दिवसीय प्रशिक्षण शिविर में भाग लेने के लिए हरी झंडी देकर रवाना किया गया। यह शिविर 30 जून से 04 जुलाई  तक आयोजित होगा। बागवानी बिभाग जिला ऊना के उप-निदेशक डॉ के.के. भारद्वाज ने 24 किसानों के दल को सफल प्रशिक्षण प्राप्त करने के लिए किसानों को शुभकामनायें दीं l उन्होंने बताया की प्रशिक्षण शिविर का नेतृत्व बागवानी विभाग बंगाना के बागवानी प्रसार अधिकारी मोहम्मद अरशद कर रहे हैं l

डॉ भारद्वाज ने बताया कि जिला ऊना के किसान नवीनतावादी और मेहनती हैं तथा जिले में शहद उत्पादन की अपार संभावनाएँ हैं। इन्हीं संभावनाओं को मध्य नजर रखते हुए केंद्र प्रायोजित एकीकृत बागवानी विकास मिशन के तहत इस पांच दिवसीय प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया जा रहा है ताकि जिले के किसान एकीकृत मधुमक्खी पालन विकास केंद्र के विशेषज्ञों से मधुमक्खी पालन की नई-2 तकनीक सीख सकें और उसे अपने क्षेत्र में अपना सकें l

हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा शहद उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए बागवानी विभाग के माध्यम से मुख्यमंत्री मधु विकास योजना चलाई जा रही है जिसमें किसानों को मधुमक्खी पालन अपनाने के लिए 80% अनुदान का प्रावधान रखा गया है l प्रशिक्षण के उपरांत किसान इस स्कीम का लाभ उठा सकते हैं तथा अपनी आय में बढ़ोतरी कर सकते हैं l जिला ऊना की परिस्थितियों मधुमक्खी पालन के लिए उपयुक्त पाई गई हैं तथा जिले के कई किसान बागवानी विभाग की स्कीमों का लाभ उठाकर मधुमक्खी पालन में बहुत ही अच्छा कार्य कर रहे हैं l इसी को मध्य नजर  रखते हुए बागवानी विभाग द्वारा इस प्रशिक्षण शिबिर का आयोजन किया जा रहा है l

उप-निदेशक डॉ के. के. भारद्वाज ने बताया कि सरकार ने बागवानी विकास के लिए कई योजनाएं चलाई हैं । इन योजनाओं का लाभ उठाकर जिला के किसान स्वरोजगार के साथ-साथ अपनी आए बढ़ा सकते हैं l प्रदेश सरकार द्वारा बागवानी विकास से संबंधित सभी स्कीमें ऑनलाइन उपलब्ध हैं जिसका लाभ अब किसान घर बैठे उठा सकते हैं l डॉ भारद्वाज के अनुसार बागवानी विभाग से संबंधित योजनाओं की अधिक जानकारी के लिए किसान अपने निकटतम बागवानी अधिकारी यह विषय विशेषज्ञ (बागवानी) से संपर्क कर सकते हैं तथा जिले में शहद उत्पादन को बढ़ाने के लिए अपना योगदान दे सकते हैं l

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