उपमंडल बंगाणा में निजी स्कूल बसों की होगी कड़ी जांच, SDM सोनू गोयल का सख्त रुख

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बोले छोटे बच्चों के सफर के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं, प्रशासन द्वारा दी गई एडवायजरी पर ही चलेगी निजी स्कूल की बसें ऊना/सुशील पंडित: उपमंडल बंगाणा के एसडीएम सोनू गोयल आज उपमंडल क्षेत्र के निजी स्कूलों की बसों का औचक निरीक्षण करेंगे। इस निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य स्कूली बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और निजी स्कूलों द्वारा प्रयोग में लाई जा रही बसों की प्रशासनिक मानकों के अनुरूप जांच करना है। यदि किसी भी बस में अनियमितताएं पाई जाती हैं, तो संबंधित स्कूल प्रबंधन को नोटिस जारी किया जाएगा। एसडीएम सोनू गोयल ने स्पष्ट किया है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी। बंगाणा उपमंडल में वर्तमान में एक दर्जन से अधिक निजी स्कूल संचालित हो रहे हैं। इनमें कई स्कूल ऐसे हैं जो दूर-दराज के क्षेत्रों से बच्चों को लाने-ले जाने के लिए बसों का प्रयोग करते हैं। पिछले कुछ समय से मिल रही शिकायतों और निरीक्षण के दौरान सामने आई खामियों को देखते हुए प्रशासन ने अब इन बसों की नियमित जांच करने का निर्णय लिया है। एसडीएम सोनू गोयल ने कहा कि छोटे बच्चों की सुरक्षा से समझौता किसी भी सूरत में स्वीकार्य नहीं है। “हमारे लिए बच्चों की जान की कीमत सबसे ऊपर है। यदि किसी भी स्कूल की बसें फिटनेस, परमिट, फायर सेफ्टी उपकरण या ड्राइवर की योग्यता से जुड़ी आवश्यकताओं को पूरा नहीं करतीं, तो उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी। बच्चों के सफर के साथ किसी तरह का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि स्कूली बसों की फिटनेस, परमिट, बीमा, ड्राइवर के लाइसेंस, फर्स्ट ऐड बॉक्स, फायर एक्सटिंगुइशर और स्पीड गवर्नर जैसी व्यवस्थाओं की गहन जांच की जाएगी। इसके अतिरिक्त, यह भी देखा जाएगा कि बसों में निर्धारित संख्या से अधिक बच्चे तो नहीं बैठाए जा रहे हैं। एसडीएम सोनू गोयल ने यह भी जानकारी दी कि निरीक्षण अभियान के बाद यदि किसी स्कूल को सुधार की आवश्यकता पाई जाती है, तो उसे लिखित रूप में निर्देश दिए जाएंगे। यदि समय रहते आवश्यक सुधार नहीं किए जाते हैं, तो संबंधित बस का संचालन बंद करवाया जाएगा और स्कूल प्रबंधन पर जुर्माना भी लगाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि भविष्य में यह अभियान समय-समय पर दोहराया जाएगा ताकि स्कूली बसों में सुधार की प्रक्रिया लगातार चलती रहे और बच्चों की सुरक्षा से कोई समझौता न हो। प्रशासन यह भी सुनिश्चित करेगा कि वाहन चालकों को समय-समय पर प्रशिक्षण दिया जाए ताकि वे ट्रैफिक नियमों का पूर्ण रूप से पालन करें। उपमंडल बंगाणा क्षेत्र के अभिभावकों ने प्रशासन की इस पहल का स्वागत किया है और उम्मीद जताई है कि इससे स्कूलों में लापरवाही पर रोक लगेगी तथा बच्चों की यात्रा अधिक सुरक्षित बन सकेगी।एसडीएम सोनू गोयल ने कहा कि हमारा मकसद डर का माहौल बनाना नहीं है, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि हर बच्चा सुरक्षित वातावरण में स्कूल आए और जाए। सभी स्कूल प्रबंधनों से अनुरोध है कि वे समय रहते सभी मानकों का पालन सुनिश्चित करें, ताकि कोई कठोर कदम उठाने की आवश्यकता न पड़े।बंगाणा प्रशासन का यह कदम न केवल एक सकारात्मक पहल है, बल्कि एक जिम्मेदार और संवेदनशील प्रशासनिक दृष्टिकोण का प्रतीक भी है, जो बच्चों की सुरक्षा को सर्वोपरि मानता है।

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