Punjab News: आय से अधिक संपत्ति मामले में गिरफ्तार मजीठिया को लेकर अब NCB करेंगी पूछताछ

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अमृतसरः आय से अधिक संपत्ति मामले में गिरफ्तार पंजाब के पूर्व मंत्री बिक्रमजीत सिंह मजीठिया की मुश्किलें थमने का नाम नहीं ले रही। मजीठिया के केस में अब एनसीबी की भी एंट्री हो गई है। इस मामले में नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) भी मजीठिया से पूछताछ की तैयारी कर रही है। इसके लिए एनसीबी ने विजिलेंस से संपर्क किया है। क्योंकि दावा किया जा रहा है कि यह केस एनडीपीएस से जुड़ा है। इसके अलावा अन्य एजेंसियां भी केस पर नजर रखे हुए हैं।

बता दें कि 6 लोगों की मजीठिया के खिलाफ स्टेटमेंट होने के बाद आज विजिलेंस की टीमें हरियाणा, दिल्ली, उत्तर प्रदेश और चंडीगढ़ में एक साथ रेड कर रही है। जबकि मजीठिया को लेकर टीम अमृतसर मजीठा गई है। माना जा है कि साढ़े 12 बजे तक टीम वहां पहुंच जाएगी। वहीं अब एनसीबी ने विजिलेंस की टीम को मजीठिया को लेकर पत्र लिखा है, जिसमें मजीठिया मामले में संयुक्त पूछताछ की मांग की है। एनसीबी द्वारा विजिलेंस ब्यूरो को भेजे गए पत्र में लिखा गया है कि मजीठिया को 25 जून को ड्रग्स से कमाई गई काली कमाई के कथित शोधन के मामले में गिरफ्तार किया गया था। एनसीबी का कहना है कि यह मामला केवल राज्य स्तर तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे अंतरराज्यीय या अंतरराष्ट्रीय ड्रग नेटवर्क के तार जुड़े हो सकते हैं।

पत्र में एनसीबी ने कहा है, “जांच की निष्पक्षता और व्यापकता सुनिश्चित करने के लिए हम संयुक्त पूछताछ करना चाहते हैं। साथ ही, एफआईआर की प्रति, जब्त किया गया डिजिटल डेटा और अन्य प्रासंगिक दस्तावेज हमारे साथ साझा किए जाएं, जिससे मामले की तह तक पहुंचने में आसानी हो।” एनसीबी ने इस संयुक्त प्रयास को बड़े ड्रग सिंडिकेट की पहचान करने और जांच को कानूनी दृष्टिकोण से ठोस आधार देने की दिशा में महत्वपूर्ण बताया है। इससे न केवल आरोपियों की भूमिका स्पष्ट होगी, बल्कि मादक पदार्थों के अवैध व्यापार के खिलाफ एक मजबूत संदेश भी जाएगा।

विजिलेंस ब्यूरो की ओर से इस पत्र पर अभी तक आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन सूत्रों के अनुसार, वे कानूनी प्रक्रिया के तहत एनसीबी के अनुरोध पर विचार कर रहे हैं। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या दोनों एजेंसियां मिलकर इस संवेदनशील और चर्चित मामले की गहराई में जाकर उन नेटवर्क्स को उजागर कर पाती हैं, जो पंजाब सहित पूरे उत्तर भारत में नशे के जाल को फैलाने के लिए जिम्मेदार हैं।

वहीं, दूसरी तरफ बिक्रम सिंह मजीठिया के सोशल मीडिया अकाउंट एक्स पर एक पोस्ट डाली गई। इसमें उनके वकील धर्मवीर सिंह सोबती के हवाले से लिखा है कि- मेरा खुला चैलेंज डीजीपी पंजाब, विजिलेंस चीफ, पंजाब एजी को एक भी छोटी से छोटी एनडीपीएस की धारा लगाकर दिखाओ। वहीं, उस पोस्ट में एक वीडियो मजीठिया की गिरफ्तारी के समय का है। जबकि दूसरे में एडवोकेट एक चैनल को इंटरव्यू दे रहे हैं। इसमें वह जब पत्रकार उनसे पूछता है कि सरकार यह प्रचार कर रही है कि यह ‘युद्ध नशे के विरुद्ध’ है। इस पर उनका जवाब था कि प्रचार ही है। मीडिया ट्रायल है। आपको मीडिया ट्रायल चाहिए, हमें मंजूर है।

मेरा ओपन चैलेंज आपकी हेड टीम को एडवोकेट जनरल साहब, डीजीपी साहब जिन्होंने पर्चा दर्ज किया। चीफ मिनिस्टर साहब जिन्होंने कहा 29 मोबाइल फोन रिकवर हुए हैं। कागज दिखाते हुए कहा कि यह सब जीरो..। मेरा ओपन डीजीपी विजिलेंस चीफ डायरेक्टर को चैलेंज है। तथ्य पर बात करते हैं। सिंगल साइडेड आरोप लगाकर निकल न जाया करो। लीगल टीम बैठी है, यह पंजाब का महत्वपूर्ण केस है। लोग जानना चाहते है। इसमें हर एक मुद्दे पर बात करते है। कोर्ट में आप बात नहीं करते हो। चालान कहां पर है।

 

 

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