नाबालिग लड़की को अगवा कर बेचने के मामले में 2 आरोपी गिरफ्तार

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लखनऊ: जिले के कृष्णानगर इलाके से नाबालिग लड़की को अगवा करके बेचने वाले गिरोह के दो सदस्यों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपियों के चंगुल से दो नाबालिग लड़कियों को पुलिस ने बरामद भी किया है। कृष्णानगर कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज करवाई गई थी कि इलाके की एक किशोरी 30 जून को घर से बिना बताए कहीं निकल गई थी। डीसीपी निपुण अग्रवाल ने बताया कि पड़ताल के दौरान सीसीटीवी कैमरों की फुटेज में किशोरी एक संदिग्ध व्यक्ति के साथ जाते हुए दिखाई दी। पुलिस को सूचना मिली कि किशोरी को अगवा करने वाले लोग अवध चौराहे के पास मौजूद हैं।

पुलिस ने आरोपियों को पकड़ लिया। पूछताछ में एक आरोपी ने अपना नाम प्रयागराज निवासी डबलू उर्फ संतोष साहू बताया। वह मध्यप्रदेश का रहने वाला है। दूसरे आरोपी ने अपना नाम राजस्थान स्थित अजमेर निवासी मनीष भंडारी उर्फ मोनू बताया। वह भंडारी टूर ऐंड ट्रेवल्स के वाहन चलाता है। आरोपियों के पास से पुलिस ने कृष्णानगर इलाके से अगवा की गई किशोरी को बरामद की। इसके अलावा पुलिस ने रायबरेली निवासी एक अन्य किशोरी को भी बरामद किया है। आरोपी किशोरी को शादी करवाने का झांसा देकर साथ में ले जा रहे थे। पुलिस ने किशोरी के रायबरेली निवासी परिवारजनों को सूचना दे दी है।

पुलिस के मुताबिक कृष्णानगर निवासी किशोरी ने बताया कि वह मथुरा धार्मिक यात्रा पर निकली थी। रास्ते में आरोपी डबलू मिल गया था। उसने किशोरी को मथुरा ले जाने का झांसा दिया। इसके बाद वह उसको अपने घर प्रयागराज स्थित नैनी ले गया। वहां उसे दो दिन तक रखा है। इसके बाद वह उसे मथुरा ले जाने के बहाने कटनी ट्रेन से ले गया और वहां उसे अपने साथी मनीष भंडारी को 50 हजार रुपये में बेच दिया था। मनीष किशोरी को हरियाणा, राजस्थान या अन्य किसी राज्य में बेचता। आरोपियों ने बताया कि वह बस अड्डों और रेलवे स्टेशनों पर अपने शिकार की तलाश में घूमते रहते हैं। अकेले बैग के साथ किशोरी या युवती को देख उसे अपना शिकार बनाते हैं। आरोपियों ने बताया कि वर्ष 2012 से वह मानव तस्करी कर रहे हैं।

आरोपी डबलू किशोरियों और युवतियों को जाल में फंसाकर ले जाता है और मनीष को बेच देता है। मनीष ने पुलिस को बताया कि वह लड़कियों को शादी के लिए हरियाणा, राजस्थान व अन्य राज्यों में बेचता है। आरोपी डबलू ने बताया कि 28 जून को कृष्णानगर निवासी किशोरी उसे सीएमएस स्कूल के पास मिली थी। उसकी धर्म के प्रति आस्था देख उसे आरोपित ने 30 जून को चारबाग रेलवे स्टेशन पर बुलाया था। वहां से बस से कानपुर ले गया था। वहां से प्रयागराज स्थित नैनी में अपने घर में ले गया। इसके बाद वह किशोरी को मध्यप्रदेश के कटनी में सहडोल इलाके में ले गया था। वहां किशोरी को अपने एक परिचित के घर रखा था। आरोपितों ने बताया कि वह लगातार मोबाइल और सिम बदलकर वारदात करते हैं, जिससे कि पुलिस के सर्विलांस में न आएं।

आरोपी डबलू ने किशोरी को मनीष के हाथों 50 हजार रुपये में बेच दिया था, लेकिन किशोरी ने सच पता चलने पर विरोध किया था। उसने रोते हुए घर जाने की बात कही थी। किशोरी को रोते देख मनीष ने उसे खरीदने से मना कर दिया था। उसने अपने 45 हजार रुपये वापस मांग लिए थे। 5 हजार रुपये आरोपी संतोष को देकर किशोरी को साथ में ले जाने के लिए कहा था। इसके बाद संतोष ने किशोरी को मानकनगर रेलवे स्टेशन पर छोड़ दिया था। पुलिस ने किशोरी को वहां से बरामद कर लिया। पुलिस के मुताबिक आरोपित डबलू के खिलाफ प्रयागराज, वाराणसी, छत्तीसगढ़, प्रतापगढ़ और कृष्णानगर में 6 आपराधिक मामले दर्ज हैं। इसके अलावा आरोपी मनीष भंडारी के खिलाफ छत्तीसगढ़ और कृष्णानगर में दो आपराधिक मामले दर्ज हैं।

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