महंगाई से मिली लोगों को राहत, थोक के बाद अब खुदरा महंगाई दर में भी आई गिरावट

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बिजनेस: भारत में महंगाई को लेकर आम लोगों को अब डबल राहत मिल गई है। पहले थोक महंगाई दर निगेटिव में (-0.13%) पहुंचा और अब खुदरा महंगाई भी गिरकर 2.10% पर आ गई है। जो जनवरी 2019 के बाद यानी 78 महीनों में सबसे कम है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, जून 2025 में खुदरा महंगाई दर गिरकर 2.10% हो रहा है। यह लगातार पांचवा महीना है जब खुदरा महंगाई आरबीआई के 4% के लक्ष्य ने नीचे और आठवां महीना जब यह 6% के ऊपरी सहनसीमा से कम रही है।

2019 में 1.97% प्रतिशत दर्ज हुई थी महंगाई

उपभोक्ता मूल्य सूचकांक आधारित मुद्रास्फीति (सीपीआई) मई में 2.82 प्रतिशत और जून 2024 में 5.08 प्रतिशत के स्तर पर थी। राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एनएसओ) ने अपने बयान में कहा कि जून 2024 की तुलना में जून 2025 में कुल मुद्रास्फीती में 0.72 प्रतिशत की गिरावट आई है। वहीं जनवरी 2019 को बाद सालाना आधार पर सबसे कम है। इससे पहले जनवरी 2019 में यह 1.97 प्रतिशत दर्ज हुई थी। एनएसओ ने कहा कि जून 2025 में कुल मुद्रास्फीति और खाद्य मुद्रास्फीति में उल्लेखनीय गिरावट का मुख्य कारण अनुकूल आधार प्रभाव और सब्जियों, दालों, मांस और मछली, अनाज, चीनी और कनफेक्शनरी, दूध और उसके उत्पादों तथा मसालों की कीमतों में गिरावट भी रही है।

खाने-पीने की चीजें भी हुई सस्ती

खाद्य महंगाई दर भी गिरकर – 1.06% पर आ चुका है जो कि मई में 0.99% थी। सब्जियां, दालें, मांस, अनाज, दूध और मसाले जैसी चीजों के दाम में गिरावट ही इसका बड़ा कारण है। ग्रामीण महंगाई दर -0.92%, शहरी महंगाई दर -1.22% रह गया है।    

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