कुटलैहड़ की रामगढ़ धार के गहरा गांव में अवैध खैर कटान पर बड़ा खुलासा

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स्थानीय वन रक्षक पर लगाए गंभीर आरोप

गांव के एक व्यक्ति ने लिखित रूप में डीएसपी ऊना एवं रेंज ऑफिसर खुरवाई को दी शिकायत

ऊना/सुशील पंडित: उपमंडल बंगाणा के रामगढ़ धार क्षेत्र के गहरा गांव में अवैध खैर कटान मामले ने अब एक नया मोड़ ले लिया है। इस मामले में एक स्थानीय व्यक्ति द्वारा डीएसपी ऊना और रेंज ऑफिसर रामगढ़ धार को दिए गए पुख्ता साक्ष्यों और लिखित बयानों के बाद प्रशासनिक हलकों में हलचल मच गई है। बयान में उस व्यक्ति ने आरोप लगाए हैं कि जब गहरा गांव में खैर के अवैध कटान की जांच के लिए वन रक्षक और डिप्टी रेंजर तलमेहड़ा क्षेत्र में पहुंचे थे, तब उन्होंने स्थानीय लोगों से कहा कि आपने बयान देने हैं कि आपको कुछ नहीं पता। इस मामले में सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि जो व्यक्ति खैर के अवैध कटान में पहले से संलिप्त रहे हैं, वे जांच के समय वन रक्षक और डिप्टी रेंजर की टीम के साथ देखे गए। इससे यह संदेह और गहरा हो गया है कि क्या वास्तव में जांच निष्पक्ष हो रही थी, या फिर यह केवल औपचारिकता निभाने की कवायद थी।

आरोप लगाने वाले व्यक्ति ने दावा किया है कि यही लोग वर्षों से गहरा गांव और आसपास के क्षेत्रों में खैर के पेड़ों की अवैध कटाई करते आ रहे हैं और वन विभाग के कुछ अधिकारी इन्हीं के संरक्षण में कार्य कर रहे हैं। स्थानीय व्यक्ति के आरोपों को गंभीरता से लेते हुए डीएसपी ऊना अजय ठाकुर ने वन रक्षक को तलब किया और पुलिस चौकी जोल को स्पष्ट निर्देश दिए कि वन रक्षक सहित संलिप्त सभी लोगों पर प्राथमिकी दर्ज की जाए। पुलिस ने इस मामले को अब आपराधिक साजिश और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की दिशा में जांच के लिए आगे बढ़ा दिया है। सूत्रों के अनुसार उधर  विजिलेंस टीम ऊना ने भी इस मामले में सक्रियता दिखाते हुए रामगढ़ धार के रेंज ऑफिसर से उक्त वन रक्षक के अवैध कटान को लेकर कुछ जुड़े दस्तावेज अपने कब्जे में ले लिए हैं। माना जा रहा है कि इन दस्तावेजों की जांच के बाद इस अवैध कटान से जुड़े कई और बड़े नाम सामने आ सकते हैं। सूत्रों के मुताबिक यह सिर्फ एक गांव या एक क्षेत्र तक सीमित मामला नहीं है, बल्कि यह एक संगठित नेटवर्क का हिस्सा हो सकता है जिसमें रसूखदार लोग भी शामिल हो सकते हैं।

इस मामले पर रेंज ऑफिसर रामगढ़ धार संदीप कुमार से बात की गई, तो उन्होंने भी पुष्टि की कि उन्हें एक स्थानीय व्यक्ति द्वारा लिखित बयान प्राप्त हुआ है, जिसमें गहरा गांव के सरकारी जंगल से अवैध खैर कटान की जानकारी दी गई है। संदीप कुमार ने कहा कि आरोपों की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय पुलिस और विभागीय अधिकारियों द्वारा जांच की जा रही है। फिलहाल नामजद व्यक्तियों के पुलिस चौकी जोल में बयान दर्ज किए जा रहे हैं और सबूत इकट्ठे किए जा रहे हैं।

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