इस दिन मनाई जाएगी सावन की शिवरात्रि, जानें कब होगा शुभ मुहूर्त

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धर्मः हिंदू पंचांग के अनुसार, शिवरात्रि श्रावण मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मनाई जाएगी। शास्त्रों में ऐसा कहा गया है कि सावन की शिवरात्रि के दिन व्रत करने से भगवान शिव अपने भक्त का हर मुश्किल काम आसान कर देते हैं। इस बार सावन की शिवरात्रि 23 जुलाई बुधवार को मनाई जाएगी। सावन माह की शिवरात्रि कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मनाई जाएगी। सावन शिवरात्रि तिथि की शुरुआत 23 जुलाई को सुबह 4 बजकर 39 मिनट पर शुरू होगी और इसका समापन 24 जुलाई को अर्धरात्रि में 2 बजकर 24 मिनट पर होगा।

सावन शिवरात्रि पूजन मुहूर्त
निशिता काल का समय- 24 जुलाई को रात 12 बजकर 25 मिनट से लेकर 1 बजकर 08 मिनट तक रहेगा।
प्रथम पहर पूजन का समय शाम 7 बजकर 26 मिनट से लेकर रात 10 बजकर 6 मिनट तक रहेगा।
दूसरा पहर पूजन का समय रात 10 बजकर 6 मिनट से लेकर 24 जुलाई की रात 12 बजकर 46 मिनट तक
तीसरे पहर के पूजन का समय 24 जुलाई की रात 12 बजकर 46 मिनट से लेकर सुबह 3 बजकर 27 मिनट तक
चौथे पहर के पूजन का समय 24 जुलाई को सुबह 3 बजकर 27 मिनट से लेकर सुबह 6 बजकर 7 मिनट तक

शिवरात्रि के दिन ब्रह्म मुहूर्त में जलाभिषेक करना बहुत ही शुभ माना जाता है।
– पहला मुहूर्त सुबह 4 बजकर 15 मिनट से लेकर सुबह 4 बजकर 56 मिनट तक रहेगा।
– जलाभिषेक का दूसरा मुहूर्त- सुबह 8 बजकर 32 मिनट से लेकर सुबह 10 बजकर 02 मिनट तक

सावन शिवरात्रि पूजन विधि
सावन शिवरात्रि पर सूर्योदय से पहले उठकर स्नानादि करें और फिर भगवान शिव के मंदिर भोलेनाथ और उनके परिवार की पूजा-आराधना करें। इसके बाद शिवलिंग का जल, दूध, घी, शहद आदि अन्य चीजों से रुद्राभिषेक करें। ऐसा करने से भगवान शिव प्रसन्न होते हैं। फिर, शिवलिंग पर बेलपत्र, धतूरा और श्रीफल चढ़ाएं और धूप, दीप, फल और फूल से पूजा करें। इस दौरान शिव पुराण, शिव स्तुति या शिव चालीसा का पाठ कर सकते हैं।

सावन शिवरात्रि के खास उपाय
– किसी भी प्रकार की मनोकामना पूर्ति के लिए सावन शिवरात्रि के दिन पूजा में 21 बेल पत्र पर चंदन से “ऊं नमः शिवाय” लिख कर भगवान शिव को समर्पित करें। ऐसा करने से व्यक्ति की सभी मनोकामनाएं अवश्य पूरी होती हैं।

– जिन व्यक्तियों के जीवन में परेशानियों और कष्ट हैं उन्हें सावन शिवरात्रि के दिन बैल को हरा चारा खिलाना चाहिए। ऐसा करने से भगवान शिव का वाहन नंदी प्रसन्न होता है और व्यक्ति के जीवन में सुख समृद्धि आती है।

– इसके अलावा सुख, समृद्धि पाने और पापों को दूर करने के लिए सावन शिवरात्रि के दिन भगवान शिव की पूजा करते समय शिवलिंग पर जौ और काला तिल अर्पित करें।

– जो लोग बीमारी से परेशान हैं उन्हें सावन शिवरात्रि के दिन शिवलिंग का जलाभिषेक करने और महामृत्युंजय मंत्र का जाप करना चाहिए। इस दिन आपको 101 बार महामृत्युंजय जाप करना चाहिए। इससे आपके बड़े से बड़े रोग और कष्ट दूर होते हैं।

– जिन जातकों के जीवन में शनि दोष चल रहा हो उन्हें सावन शिवरात्रि के दिन जल में काला तिल मिलाकर भगवान शिव को अर्पित करना चाहिए। इस दौरान “ऊं नमः शिवाय” मंत्र का जाप करें। ऐसा करने से आपको शनि की ढैया या साढ़ेसाती के बुरे प्रभाव को कम करने में मदद मिलती है।

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