आपदा प्रभावितों के लिए अविलंब विशेष राहत पैकेज जारी करे सरकार: जयराम ठाकुर

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आपदा के 24 दिन बाद भी कोई विशेष राहत पैकेज की घोषणा क्यों नहीं पीडब्ल्यूडी और जल शक्ति के डैमेज प्रोजेक्ट की डीपीआर जल्दी हो तैयार आपदा प्रभावित क्षेत्रों में सड़कें खोलने का काम तेज करवाए सरकार ऊना/सुशील पंडित: शिमला से जारी बयान में नेता प्रतिपख जयराम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश में आपदा आए हुए 24 दिन बीत गया है और सरकार की तरफ़ से विशेष राहत पैकेज की घोषणा नहीं हुई है। इतने  दिनों के बाद भी सरकार की तरफ़ से विशेष राहत पैकेज की घोषणा न करना हैरान करने वाला है। आपदा के पीड़ित लोग इंतज़ार कर रहे हैं कि सरकार विशेष पैकेज की घोषणा कब करेगी? मेरा मुख्यमंत्री से आग्रह है कि आपदा प्रभावित लोगों के लिए अविलंब विशेष राहत पैकेज जारी करें।  इसके अलावा आपदा प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्य में ही अपेक्षित तेजी नहीं लाई जा सकी है। सड़के बंद हैं। सेब का सीजन शुरू हो गया है। आपदा से जो भी कृषि बागवानी और फूलों की खेती बच गई है वह भी सड़कें न होने के कारण बाज़ार नहीं पहुँचने से नष्ट हो रही है। इससे आपदा का दंश झेल रहे लोग दोहरे नुकसान का सामना कर रहे हैं। जयराम ठाकुर ने कहा कि आपदा को आए एक महीना होने वाला है लेकिन सरकार की तरफ से आपदा प्रभावितों के जख़्मों पर मरहम लगाने की दिशा में कोई प्रभावी कार्य नहीं हुआ है। लोग थक हार कर अपने संसाधनों से जेसीबी और पोक लैंड मशीनें लगाकर रास्ते खुलवाने में लगे हैं। हमने लोगों से अपील करके लोगों से मशीनें लगवाई हैं, जो अपने खर्चे पर या तेल के खर्चे पर मशीनें लगाकर रास्ता खोल रहे हैं। इस समय ऐसी 2 दर्जन से ज़्यादा मशीनें संपर्क मार्ग खोलने के लिए लगाई गई हैं, जिससे ग्रामीण रास्ते बहाल किए जा सकें। मेरा सरकार और लोक निर्माण विभाग से आग्रह है कि रास्ते खोलने के काम में और तेजी लाए। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि इस आपदा से बहुत नुकसान हुआ है। तीन हफ्ते से ज़्यादा समय बीत जाने के बाद भी बहुत सी जगहों पर अभी बिजली की सुविधा बहाल नहीं हुई है। पानी और सड़क की जितनी भी सुविधाएं अभी तक बहाल हुई हैं सब के सब अस्थाई हैं। इन्हें जल्दी से जल्दी पूर्णतया बहाल करना है। इसके लिए प्रभावी योजना बनानी होगी। पीडब्ल्यूडी और जलशक्ति विभाग की जिन योजनाओं को नुकसान पहुंचा है, सरकार उनके भी डीपीआर जल्दी से जल्दी बनवाए, जिससे नुकसान की भरपाई के लिए उन डीपीआर को केंद्र सरकार के सम्मुख प्रस्तुत किया जा सके।

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