Punjab News: बेअदबी मामले को लेकर किसान नेता डल्लेवाल आए आगे, बड़ी पंथक पंचायत करने का ऐलान, देखें वीडियो

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अमृतसरः हेरिटेज रोड पर पिछले 5 सालों से गुरु ग्रंथ साहिब जी के स्वरूपों की बेअदबी मामले में न्याय की मांग में जुटे पंथक होका मोर्चा को आज नया समर्थन मिला है। संयुक्त किसान गैर-राजनीतिक मोर्चा के नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल ने मोर्चा प्रमुख भाई बलदेव सिंह वडाला से मुलाकात की और सिख भावना दल के अन्य साथियों के साथ मिलकर न्याय की मांग को लेकर एक नई उम्मीद जगाई।

डल्लेवाल ने कहा कि यह मोर्चा केवल धार्मिक मामला नहीं, बल्कि समूचे सिख समुदाय की आस्था से जुड़ा गंभीर मामला है। उन्होंने कहा कि ईशर सिंह आयोग द्वारा तैयार की गई रिपोर्ट एस.जी.पी.सी. कमेटी को सौंपी गई थी और आयोग ने बेअदबी के दोषियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की सिफारिश की थी, लेकिन दुर्भाग्य से उन फैसलों को आज तक लागू नहीं किया गया। डल्लेवाल ने कहा कि मोर्चा चला रहे वडाला साहिब के नेतृत्व में पंथक संघर्ष निस्वार्थ भाव से चल रहा है। उन्होंने घोषणा की कि संयुक्त किसान मोर्चा इसका हिस्सा बनेगा और 7 सितंबर को अमृतसर में एक बड़ी पंथक पंचायत होगी, जिसमें अगले संघर्ष की रूपरेखा पर फैसला लिया जाएगा।

डल्लेवाल ने यह भी कहा कि 1 सितंबर से 7 सितंबर तक हर गांव के गुरुद्वारों में सुखमनी साहिब का पाठ किया जाएगा और मोर्चे की तरक्की और जीत के लिए अरदास की जाएगी। उन्होंने अपील की कि हर गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी अपने स्तर पर इस आंदोलन का हिस्सा बने, क्योंकि यह सिर्फ धार्मिक संघर्ष नहीं, बल्कि सिख धर्मस्थल की रक्षा की लड़ाई है। जब शंभू-खनौरी मोर्चे में पंथ ने किसानों का साथ दिया था, आज किसानों के लिए भी नेताओं की भूमिका में वही जिम्मेदारी निभाने का समय आ गया है।

उन्होंने स्वयं माना कि गुरु ग्रंथ साहिब जी की बेअदबी के दौरान पंथक मोर्चे को समय पर सहयोग न देना उनकी भूल थी, जिसका पश्चाताप करते हुए वह आज उनके साथ खड़े हैं। डल्लेवाल ने एसजीपीसी को सीधा संदेश देते हुए कहा कि अगर वे दोषियों के खिलाफ गंभीर हैं तो अपनी पिछली प्रेस कॉन्फ्रेंस में किए वादे के अनुसार तुरंत एफआईआर दर्ज की जाए। इस संघर्ष का नेतृत्व वडाला साहिब कर रहे हैं और किसी भी संभावित बातचीत या बैठक में उन्हें केंद्रीय भूमिका निभानी चाहिए।

यह संघर्ष अब अमृतसर तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे देश की सिख संगत को जागरूक करने की तैयारी चल रही है। 7 सितंबर को होने वाले समागम में लाखों श्रद्धालुओं के शामिल होने की उम्मीद है। घोषणा की गई कि यह लड़ाई गुरु साहिब के स्वरूपों के सम्मान और संरक्षण के लिए है, जिसमें प्रत्येक सिख की भागीदारी अनिवार्य है।

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