World Nature Conservation Day: प्रकृति को बचाना है तो इन बातों पर जरुर करें गौर

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लाइफस्टाइल: अब के समय में पर्यावरण को बचाना एक बहुत बड़ी चुनौती बन चुका है। ऐसा इसलिए क्योंकि प्रकृति का अंधाधुंध दोहन हो रहा है। इससे पर्यावरण संकट में पड़ चुका है। ऐसे में सभी लोगों को अपनी आदतें सुधारने की जरुरत हैं ताकि इससे न हमारा लाइफस्टाइल बेहतर हो बल्कि प्रकृति को राहत भी मिले। आज वर्ल्ड नेचर कंर्सवेशन डे के मौके पर आपको 7 ऐसी आसान और असरदार आदतें बताते हैं जो रोजमर्रा की जिंदगी में भी बदलाव लाएगी और धरती के लिए तोहफा बन जाएगी।

बिजली बचाएं

फोन, टीवी और लैपटॉप सभी की आदत बन चुकी है परंतु आज के समय में आपको यह संकल्प लेना पड़ेगा कि इसका जरुरत भर ही इस्तेमाल करें। ऐसा इसलिए क्योंकि इन सभी चीजों को चलाने के लिए बिजली का इस्तेमाल करना पड़ता है। हमारा जरुरत से ज्यादा इन चीजों को इस्तेमाल करने से ग्लोबल वॉर्मिंग बढ़ती है और बिजली का बिल भी बढ़ता है।

लोकल और सीजनल फल ही खाएं

सीजनल फल-सब्जी खाना सिर्फ सेहत के लिए ही अच्छा नहीं है बल्कि यह पर्यावरण के लिए भी बेहद फायदेमंद है। लोकल प्रोड्यूस को ट्रांसपोर्ट करने में कार्बन उत्सर्जन कम होता है।

टूथब्रश, स्ट्रॉ और शेविंग ऐसी करें इस्तेमाल

बांस का टूथब्रश, स्टील का स्ट्रॉ और रेजर की रीफिल जैसे छोटे-छोटे बदलावों के जरिए हम बदलाव ला सकते हैं। इससे प्लास्टिक कचरा 50 फीसदी तक कम होगा।

ज्यादा से ज्यादा पौधे लगाएं

इन दिनों लोग घरों में पौधे तो लगा लेते हैं लेकिन उनका ध्यान नहीं रख पाते। ऐसे में इस प्रयास के साथ की पौधों की देखभाल करनी है रोज एक पेड़ का ख्याल रखें। साल में कम से कम एक पौधा जरुर लगाएं। इससे हवा शुद्ध होगी और मानसिक स्वास्थ्य भी सुधरेगा।

कपड़े का बैग करें इस्तेमाल

हर बार जब आप सब्जी या ग्रॉसरी खरीदने के लिए जाएं तो एक कपड़े का बैग अपने साथ जरुर रखें। एक अनुमान के अनुसार, हर साल 5 ट्रिलियन प्लास्टिक बैग इस्तेमाल होते हैं। इससे नदियों, जंगलों और समुद्रों को नुकसान हो रहा है।

पानी न करें बर्बाद

5 मिनट से ज्यादा यदि आप नहाएंगे तो इसका अर्थ है कि करीबन 50 लीटर पानी बर्बाद हो रहा है। ऐसे में यदि आप शॉवर टाइम कम करेंगे तो हर महीने तक सैंकड़ों लीटर पानी बचेगा।

ऐसे ब्रांड्स का करें चयन

फास्ट फैशन का चलन इन दिनों पर्यावरण के लिए बड़ा खतरा बन गया है। हर सैकेंड दुनियाभर में एक ट्रक कपड़ा कचरे में चला जाता है। ऐसे में कोशिश करें कि इस तरह के ब्रांड चुनें जो रिसायकल फैब्रिक इस्तेमाल करें या इनका उत्पादन कम करें।  

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