Punjab News: अब श्री दरबार साहिब से जाएगा सरकारी अस्पताल में लंगर, इन मुद्दों पर हुई मीटिंग, देखें वीडियो

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अमृतसरः शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक समिति की आंतरिक समिति की महत्वपूर्ण बैठक आज मुख्यालय तेजा सिंह समुंदरी हॉल में हुई। जहां बैठक खत्म होने के बाद एसजीपीसी अध्यक्ष एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कई गंभीर मुद्दों पर विचार व्यक्त किए। उन्होंने बताया कि आज की बैठक में बंदी सिंहों की रिहाई समेत 5 से 6 अहम मामलों पर चर्चा कर निर्णय लिए गए हैं। एडवोकेट धामी ने बताया कि केंद्र सरकार द्वारा गुरु नानक देव जी के 550वें प्रकाश पर्व के अवसर पर भाई राजोआणा समेत बंदी सिंहों की रिहाई या उनकी सजा को उम्रकैद में बदलने संबंधी घोषणा और नोटिफिकेशन तो जारी किए गए थे, लेकिन अब तक उन पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। एसजीपीसी ने पुनः मांग की है कि गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहादत पर्व के अवसर पर ये वादे पूरे कर बंदी सिंहों को रिहा किया जाए।

वहीं आंतरिक समिति ने राजस्थान में एक सिख विद्यार्थी को केवल कंकार पहनने के कारण न्यायिक परीक्षा से रोकने की घटना की कड़ी निंदा करते हुए सख्त नोटिस लिया है। एसजीपीसी ने राजस्थान सरकार को इस मामले में ईमेल के माध्यम से शिकायत भेजने की घोषणा की है। एसजीपीसी प्रमुख ने कहा कि यह संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन है और सिख युवाओं के साथ हो रहे भेदभाव को एसजीपीसी किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं करेगी। अध्यक्ष धामी ने प्रदेश सरकार द्वारा श्रीनगर में मर्यादा उल्लंघन की भी निंदा करते हुए श्री अकाल तख्त साहिब से अपील की कि उन लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए जो मर्यादा का उल्लंघन कर रहे हैं। इसके साथ ही एसजीपीसी ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है कि अब अमृतसर के गुरु नानक देव अस्पताल में भर्ती मरीजों और उनके परिवार के सदस्यों के लिए श्री दरबार साहिब से रोजाना लंगर भेजा जाएगा। यह निर्णय सेवा के मूल उद्देश्य को प्रतिबिंबित करता है।

एसजीपीसी ने करतारपुर कॉरिडोर की प्रक्रिया को सरल बनाने, 20 डॉलर की फीस खत्म करने और पासपोर्ट की जगह आधार कार्ड को पहचान पत्र के रूप में मान्यता देने की मांग की है। यह मांग सिख यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखकर की गई है। फतेहगढ़ साहिब में एसजीपीसी द्वारा जत्थेदार ज्ञानी जगतार सिंह टोहड़ा के नाम पर एक अकादमी स्थापित की गई है, जहां सिख बच्चों को यूपीएससी और अन्य मुख्य परीक्षाओं की तैयारी कराई जा रही है। इस साल 1200 बच्चों में से 600 को चुना गया है जो अकादमी में तैयारी कर रहे हैं। हजूर साहिब द्वारा मांग किए जाने पर एसजीपीसी ने वहां 200 सूरतें भेजने की भी पक्की बात कही है। साथ ही, देश की प्रमुख हस्तियों को शताब्दी समारोहों के लिए निमंत्रण भेजे जाएंगे।

एडवोकेट धामी ने कहा कि आम आदमी पार्टी द्वारा प्रोफेसर दविंदरपाल सिंह भुल्लर की रिहाई रोकने की भी निंदा की जा रही है। उन्होंने कहा कि जो पार्टी शताब्दी मनाने में शामिल हो रही है, वही रिहाई रोकने में बाधा बन रही है। इस अवसर पर एसजीपीसी ने एक और गंभीर मुद्दा भी उठाया कि एसजीपीसी अधिकारियों को धमकी भरे ईमेल मिल रहे हैं। धामी ने बताया कि अब तक 12 से अधिक ईमेल प्राप्त हो चुके हैं, लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने सुरक्षा से संबंधित जिम्मेदार एजेंसियों से तत्काल ध्यान देने की मांग की।

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