लोकसभा में राजनाथ सिंह की पाकिस्तान को चेतावनी, Operation Sindoor पर भी दिया बयान

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नई दिल्ली: लोकसभा में आज पाकिस्तान में आतंकियों के खिलाफ किए गए ऑपरेशन सिंदूर को लेकर खास चर्चा हुई है। इस चर्चा की शुरुआत रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने की। सेना के द्वारा की गई कार्रवाई को उन्होंने विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि भारतीय सेना ने इस ऑपरेशन में अपने सभी टारगेट्स को सफलतापूर्वक हिट किया है। ऑपरेशन पूरी तरह से सफल रहा है। राजनाथ सिंह ने विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि हमसे कभी नहीं पूछा कि दुश्मन के कितने विमान मार गिराए।

इस वजह से दिया बयान

आपको बता दें कि रक्षा मंत्री की यह टिप्पणी उस बहस के संदर्भ में थी जब राहुल गांधी और विपक्ष लगातार यह सवाल उठा रहे थे कि इस ऑपरेशन में भारत के कितने फाइटर जेट्स को नुकसान पहुंचा है। राहुल गांधी ने पहले भी भारतीय वायु सेना को कथित नुकसान को लेकर लगातार सवाल उठाए हैं। उन्होंने खासतौर पर तब सवाल उठाए जब 10 जून को इंडोनेशिया की राजधानी जकार्ता में एक सेमिनार के दौरान भारतीय वायु सेना ने कुछ एयरक्राफ्ट खोए थे। रक्षा मंत्री ने आगे कहा कि – हमारा ये ऑपरेशन पूरी तरह से सफल रहा है और सेनाओं ने अपना लक्ष्य हासिल कर लिया। उन्होंने कहा कि हमने किसी दबाव में आकर इसको नहीं रोका बल्कि हमने दुश्मन के हर मंसूबे पर पानी फेर दिया है। हमारा मकसद युद्ध छेड़ना नहीं बल्कि आतंकियों के ढांचों को नेस्तनाबूद करना था और सिर्फ 22 मिनट के ऑपरेशन में उसको हासिल कर लिया गया। रक्षा मंत्री ने कहा कि यह कहना गलत है कि किसी दबाव मे आकर ऑपरेशन सिंदूर रोक गया था। इस दौरान सशस्त्र बल अपने सभी उद्देश्यों को पूरा करने में सफल रहा और पाकिस्तान की गुहार लगाने और डीजीएमओ (DGMO) स्तर पर बात करने के बाद ही इसको रोका गया।

पाकिस्तान को दी चेतावनी

इसी के साथ रक्षामंत्री ने पाकिस्तान को भी चेतावनी दे दी है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान की सेना और आईएसआई आतंकवाद को युद्ध के तौर पर इस्तेमाल करते हैं और उसके सहारे वे भारत को अस्थिर करने का सपना देखते हैं। रक्षा मंत्री ने कहा है कि वे लोकतंत्र के मंदिर में खड़े होकर ये बात कह रहे हैं कि भारत सरकार को हजार जख्म देने का सपना पालने वाले लोगों को नींद से जाग जाना चाहिए। यह मोदीजी के नेतृत्व वाला भारत है जो आतंकवाद के खिलाफ किसी भी हद तक जा सकता है। उन्होंने भारत की नीति साफ कर दी है कि यदि हम शांति की आशा के लिए हाथ बढ़ाना जानते हैं तो अशांति फैलाने वाले हाथों को उखाड़ना भी जानते हैं। यदि शांति के प्रयास करना जानते हैं तो दुष्टों को भाषा समझ में आए उसी भाषा में समझाना भी जानते हैं। उन्होंने कहा कि शठे शाठयम समाचरेत अर्थात दुष्ट के साथ दुष्टता का ही व्यवहार करना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि ऑपरेशन सिंदूऱ का उद्देश्य सीमा पार करना या किसी क्षेत्र पर कब्जा करना नहीं था बल्कि आतंकवादी शिविरों उनके समर्थकों को निशाना बनाना और उन्हें नष्ट करना था। जोर देते हुए रक्षामंत्री ने कहा कि सैन्य हमलों में किसी भी निर्दोष नागरिक को निशाना नहीं बनाया गया। पाकिस्तान हमारे ठिकानों पर हमला नहीं कर सका और हमारी किसी भी जरुरी संपत्ति को कोई नुकसान नहीं पहुंचा। भारत पीओके और पाकिस्तान में हुए नुकसान के सबूत हासिल करने में कामयाब रहा है। ऑपरेशन सिंदूर हमारी ताकत का प्रतीक है। यह दर्शाता है कि यदि कोई उसके नागरिकों को नुकसान पहुंचाएगा तो भारत चुप नहीं रहेगा। उन्होंने कहा कि भारत पहले दोस्ती का हाथ बढ़ाता है लेकिन यदि कोई देश विश्वासघात करेगा तो उसे रोकना भी जानता है।

100 से ज्यादा आतंकवादी मारे गए

राजनाथ सिंह ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर को अंजाम देने से पहले हर पहलू पर बहुत गहराई के साथ अध्ययन किया गया था। यह ऑप्शन चुना गया था कि आतंकवादियों और उनके ठिकानों को नुकसान पहुंचा और पाकिस्तान के आम नागरिकों को कोई हानि नहीं पहुंची। रक्षा मंत्री ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर में 100 से ज्यादा आतंकवादी मारी गए। रक्षा मंत्री ने लोकसभा में कहा है कि ऑपरेशन सिंदूर केवल सैन्य कार्रवाई नहीं थी बल्कि आतंकवाद के खिलाफ हमारी नीति का निर्णायक प्रकटीकरण था।

विपक्ष ने नहीं पूछा दुश्मन के कितने विमान गिरे

पाकिस्तान हमारे किसी भी टारगेट को भेद नहीं सका और किसी संपत्ति को नुकसान नहीं पहुंच पाया। उन्होंने विपक्ष पर चुटकी लेते हुए कहा कि विपक्ष ने नहीं पूछा कि दुश्मन के कितने विमान गिरे। राजनाथ सिंह ने कहा है कि विपक्ष के लोग यह पूछते रहे हैं कि हमारे कितने विमान गिरे। यह प्रश्न जनभावनाओं का सही से प्रतिनिधित्व नहीं करता? उन्होंने हमसे कभी यह नहीं पूछा कि हमारी सेनाओं ने दुश्मन के कितने विमान मार गिराए? उनको प्रश्न ही पूछना है तो प्रश्न पूछे कि क्या ऑपरेशन सिंदूर सफल रहा है और इसका जवाब है हां। लक्ष्य बड़ा हो तो छोटी चीजों पर ध्यान नहीं देना चाहिए। इससे देश की सुरक्षा, सैनिकों के सम्मान और उत्साह से ध्यान हट सकता है। उन्होंने कहा कि परीक्षा का परिणाम बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है।परिणाम यह है कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान हमारी सेनाओं ने भी जो लक्ष्य निर्धारित किया था उसे पूर्ण तौर पर प्राप्त करने में कामयाबी हासिल हुई है। इसके अलावा रक्षा मंत्री ने विपक्ष पर भी तंज कसा है। उन्होंने कहा कि जब लक्ष्य बड़े हो तो छोटे मुद्दों पर ध्यान नहीं जाना चाहिए।  

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