बादल फटने के बाद आई भीषण बाढ़, लोगों के लापता होने की सूचना, रेस्क्यू जारी, देखें Live

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उत्तरकाशी: उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले से एक बड़ी खबर निकलकर सामने आ रही है। यहां धराली गांव में बादल फटने से भारी ताबाही मच गई है। बादल फटने के बाद धराली में बाढ़ आ गई है। इस बाढ़ में दर्जनों घर बह गए हैं। वहीं जानकारी सामने आ रही है कि, 10 से 12 मजदूर दबे हुए हैं। बादल फटने से कई लोगों के लापता होने की भी जानकारी सामने आ रही है। इस घटना के वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहे हैं।

Read in English : Cloudburst Triggers Devastating Flash Flood in Uttarkashi, 4 Dead and Several Missing

वहीं धराली में आई बाढ़ के बाद उत्तराखंड के सीएम पुष्कर सिंह धामी का बयान भी सामने आया है। सीएम पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि, मैं लगातार अधिकारियों के संपर्क में हूं। सीएम धामी ने आगे कहा कि, SDRF और NDRF की टीम लगातार बचाव कार्य में जुटी हुई है। उन्होंने आगे कहा कि, हालात पर लगातार नजर बनाए हुए हूं।

भूवैज्ञानिक एसपी सती ने बताया कि हम पहले भी इसकी आशंका जता रहे थे, ये नाले का फ्लडप्लेन है। 1835 में भी इसमें इसी तरह का फ्लड आया था, इसमें फैन बन गया था। ये उसी टाइम का डिपॉजिट था. जिसके ऊपर बड़े-बड़े होटल और मकान बन गए थे। इसका एक सबूत ये भी है कि वो जो मंदिर नदी किनारे है वो मलबे के नीचे दब गया था, उसे खोद कर निकाला गया था। पहाड़ों के ग्लेशियर पर सबसे ज्यादा ग्लोबल वार्मिंग का असर पड़ा है। जहां ये तबाही हुई है, उस नाले का ढाल बहुत ज्यादा है। ऊपर ग्लेशियरों में जो बर्फ जमती थी वैसे अब नहीं जमती।

गर्मी में तो खाली हो जाते हैं लेकिन उनका मलबा रहता है। अगर बहुत तेज बारिश हो गई तो वो बहुत तेजी के साथ नीचे आता है और ऐसी ही तबाही होती है। ये पिछले साल हमने जुम्मा वाले इलाके में भी देखा जहां पूरा का पूरा पुल बह गया था। 2021 मार्च में भी हमने ऐसा ही देखा जब ऊपर से एवलांच आया था। जो तबाही आई है उसे हम स्नो रॉक ऐवलांच है। जिसने बाढ़ का रूप अख्तियार किया और इसने अपने पुराने रास्ते को वापस ले लिया। इसके रास्ते में ही लोगों ने अतिक्रमण कर घर बना लिया था। ये उसी का नतीजा है।

बादल फटना एक कुदरती प्रक्रिया है,लेकिन नदी किनारे ऐसे निर्माण तबाही को दावत देना है। वीडियो में दिख रहा है कि कैसे 30 सेकेंड में कैसे दर्जनों मकान बहते चले गए। पानी आते ही वहां चीख पुकार मच गई, लेकिन लोगों को भागने का मौका नहीं मिला। सैलाब के साथ बड़े बड़े पत्थर और लकड़ी के लट्ठे भी बहते हुए नीचे आए और जिनकी चपेट में आने से कई लोगों के हताहत होने की आशंका है। केंद्रीय मंत्री अजय टम्टा ने कहा कि बादल फटने से ये नुकसान हुआ है। उत्तरकाशी के धराली क्षेत्र में ये बड़ी घटना हुई है। उत्तराखंड के सीएम पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि बड़े पैमाने पर युद्धस्तर पर बचाव अभियान चल रहा है। एनडीआरएफ-एसडीआरएफ को बचाव कार्य में लगाया गया है।

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