आपदा प्रबंधन में फर्स्ट ऐड और फर्स्ट रिस्पांडर पर एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला सम्पन्न

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ऊना/सुशील पंडित: जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ऊना, 108 व 102 एंबुलेंस सेवा तथा डमकैंद मेडसवान फाउंडेशन, सोलन के सहयोग से वीरवार को क्षेत्रीय अस्पताल ऊना के सम्मेलन कक्ष में ‘आपदा प्रबंधन में फर्स्ट एड और फर्स्ट रिस्पांडर की भूमिका’ विषय पर एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया।
इस कार्यशाला की अध्यक्षता मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. एस.के. वर्मा ने की। प्रशिक्षण में जिले के विभिन्न सरकारी विभागों एवं गैर-सरकारी संगठनों से लगभग 50 प्रतिभागियों ने सक्रिय रूप से भाग लिया। डॉ. वर्मा ने बताया कि इस प्रशिक्षण शिविर का मुख्य उद्देश्य आपातकालीन एवं आपदा की स्थिति में प्राथमिक उपचार एवं प्रथम प्रतिक्रिया देने में विभागीय प्रतिनिधियों को सक्षम बनाना है, ताकि चिकित्सकीय सहायता पहुंचने से पहले आवश्यक कदम तुरंत उठाए जा सकें और जान-माल की क्षति को न्यूनतम किया जा सके। प्रशिक्षण कार्यशाला में सीपीआर ( कार्डियो पल्मोनरी  रिससिटैशन ) तकनीक, रक्तस्राव को रोकने के उपाय, हड्डी टूटने, बेहोशी, जलने, सांप के काटने, चोकिंग जैसी आपात स्थितियों में त्वरित प्राथमिक उपचार सहित अन्य आपदा स्थितियों से निपटने के उपायों पर विस्तार से जानकारी दी। प्रशिक्षण के दौरान 108 एंबुलेंस सेवा एवं डमकैंद फाउंडेशन के विशेषज्ञ प्रशिक्षकों ने प्रतिभागियों को व्यावहारिक सत्रों के माध्यम से विभिन्न प्राथमिक उपचार तकनीकों का लाइव प्रदर्शन कर उन्हें सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया। कार्यशाला के समापन अवसर पर सीएमओ डॉ. एस.के. वर्मा ने सभी प्रतिभागियों को प्रशिक्षण प्रमाण पत्र प्रदान कर सम्मानित किया और उन्हें भविष्य में आपदा की स्थिति में प्रभावी भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर एनएसएस की जिला नोडल अधिकारी प्रो. लिल्ली ठाकुर, आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के प्रशिक्षण समन्वयक राजन, डमकैंद फाउंडेशन के ऋषि चंदेल सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

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