Operation Sindoor: वायु सेना प्रमुख AP Singh का आया बयान, ‘पाकिस्तान के इतने विमान किए तबाह

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नई दिल्ली: पाकिस्तान के खिलाफ चलाए गए ऑपरेशन सिंदूर को लेकर भारतीय वायुसेना प्रमुख अमर प्रीत सिंह ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान हमारी सेना पाकिस्तान के 6 विमानों को तबाह कर दिया था। गिराए गए विमानों में पाकिस्तान के 5 फाइटर जेट्स और एक जासूसी (टोही) विमान AWACS था। वायुसेना प्रमुख ने कहा कि हमने इस ऑपरेशन के जरिए पाकिस्तान को साफ-साफ मैसेज दे दिया है।

बता दें कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान को हुए नुकसान को लेकर भारतीय वायुसेना की तरफ से यह पहला आधिकारिक बयान है। बेंगलुरु में एक कार्यक्रम में बोलते हुए, एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने हवाई हमलों का श्रेय एस-400 वायु रक्षा प्रणाली को दिया। उन्होंने कहा कि ये (बहावलपुर – जैश-ए-मोहम्मद मुख्यालय पर) हमारे द्वारा पहुंचाए गए नुकसान की पहले और बाद की तस्वीरें हैं। यहां लगभग कोई अवशेष नहीं बचा है। जबकि आस-पास की इमारतें लगभग पूरी तरह सुरक्षित हैं।

हमारे पास न केवल सेटेलाइट इमेज थे, बल्कि स्थानीय मीडिया से भी प्राप्त तस्वीरें थीं, जिनके माध्यम से हम अंदर की तस्वीरें देख सकते थे। हमने जो “बिग बर्ड” गिराया गया, वह संभवतः एक AWACS (एयरबोर्न वार्निंग एंड कंट्रोल सिस्टम) या इलेक्ट्रॉनिक इंटेलिजेंस प्लेटफ़ॉर्म था, जिसके तबाह होने से पाकिस्तान की हवाई ताकत को भारी झटका लगा है। एयर चीफ मार्शल सिंह ने 7 मई के हमले के दौरान आतंकी ठिकानों पर हुए हमलों की ‘पहले और बाद’ की सैटेलाइट तस्वीरें भी साझा की थीं।

पाकिस्तान में बहावलपुर स्थित उस कैंप की ओर इशारा करते हुए, जो जैश-ए-मोहम्मद का मुख्यालय था, उन्होंने कहा था कि तस्वीरें स्पष्ट रूप से दिखाती हैं कि वहां कोई अतिरिक्त क्षति नहीं हुई है। वायुसेना प्रमुख ने कहा था कि आस-पास की इमारतें लगभग पूरी तरह सुरक्षित हैं। हमारे पास न केवल सैटेलाइट तस्वीरें थीं, बल्कि स्थानीय मीडिया से भी तस्वीरें थीं, जिनके ज़रिए हम अंदर की तस्वीरें प्राप्त कर सकते थे।

वायुसेना प्रमुख ने कहा कि 7 मई को जिन नौ ठिकानों पर हमला हुआ था, उनमें से एक, लश्कर-ए-तैयबा का मुख्यालय मुरीदके, उनके वरिष्ठ नेतृत्व का आवासीय क्षेत्र था। ये उनके कार्यालय भवन थे जहां वे बैठकें करने के लिए इकट्ठा होते थे। हम हथियारों से ही वीडियो प्राप्त कर सकते थे क्योंकि वह स्थान सीमा के भीतर था।

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