Jalandhar News: अब पावरकॉम दफ्तर के कर्मियों ने की 3 दिन की हड़ताल

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हड़ताल पर जाने वाले कर्मचारियों पर लगाया ESMA

जालंधर, ENS: पीआरटीसी और पनबस के कच्चे कर्मियों ने भले ही हड़ताल स्थगित कर दी है। लेकिन इसके बाद अब पावरकॉम दफ्तर के कर्मियों ने मोर्चा खोल दिया है। दरअसल, पावरकॉम के समूह मुलाजिम संगठन देर रात से 3 दिन की हड़ताल पर चले गए है। दरअसल, पंजाब स्टेट पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (पीएसपीसीएल) ने हड़ताल पर जाने या सामूहिक अवकाश लेने वाले कर्मचारियों पर ESMA लगा दिया है। पीएसपीसीएल प्रबंधक ने अपने पत्र में कहा है कि सामूहिक अवकाश पर जाने वाले किसी भी कर्मचारी के खिलाफ इस अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी तथा सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारियों के वित्तीय लाभ रोक दिए जाएंगे। मिली जानकारी के अनुसार मुलाजिमों के संयुक्त संगठन वेतन-भत्तों-पेंशन और तरक्की संबंधी मांगों को लेकर आंदोलन पर चले गए हैं। ऐसे में ये हड़ताल 11 अगस्त से 13 अगस्त तक चलेगी। मिली जानकारी के अनुसार रविवार को रात 12 हड़ताल चालू हो गई। हड़ताल में लाइनमैन, मेंटीनेंस स्टाफ, क्लेरिकल स्टाफ व दफ्तरों का सब-ऑर्डिनेट स्टाफ शामिल है। मुलाजिम संगठनों ने पावरकॉम को सामूहिक छुट्टी की कॉल दी है। जबकि पावरकॉम ने सभी दफ्तरों को लेटर जारी की है कि जो लोग हड़ताल में शामिल होंगे, उन पर काम नहीं तो वेतन नहीं का नियम लागू होगा। जालंधर सिटी में बिजली सेवा चालू रखने के प्रबंध करने का दावा किया जा रहा है। सीनियर इंजीनियर हड़ताल में शामिल नहीं हैं। बिजली खराबी की कंप्लेंट सुनने के लिए ठेका मुलाजिम ड्यूटी पर रहेंगे, लेकिन क्लेरिकल स्टाफ के हड़ताल पर होने से उपभोक्ता सेवाएं प्रभावित होंगी। इनमें नया बिजली कनेक्शन लेना, लोड बढ़ाना, किसी कनेक्शन को कटवाने जैसे काम शामिल हैं। हड़ताल के 3 दिन में पावरकॉम की प्राथमिकता बिजली सेवा रेगुलर रखना है। हड़ताली मुलाजिम शक्ति सदन के सामने धरना प्रदर्शन करेंगे। जालंधर में पावरकॉम के करीब 3500 कर्मचारी है, जिनमें ज्यादातर हड़ताल पर हैं। अगर किसी को कोई समस्या आती है तो वह 1912 पर कॉल करें। पीएसपीसीएल कंज्यूमर ऐप पर शिकायतें अदेनफा नवर 1800-180-15121912 स्वर्ण पार्क में देर रात अचानक बिजली बंद होने से अंधेरा छा गया। सिटी के कंप्लेंट सेंटरों पर शिकायतों का निवारण ठेके पर रखे कंप्लेंट हैंडलिंग बाइकर करेंगे। साथ में हड़ताल में शामिल न होने वाले जूनियर इंजीनियर होंगे। जिन फीडरों पर अधिकतर स्टाफ हड़ताल होगा, उन्हें 3 दिन उपलब्ध स्टाफ को संचालन के लिए एसाइन किया जाएगा। 3. सीनियर इंजीनियर ड्यूटी पर रहेंगे। वे दफ्तरों में बिजली रखने के लिए प्रबंधन करेंगे।

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