बादल फटने से मची तबाही, स्कूल बंद, कई वाहन मलबे में दबे, खाली करवाए गए घर

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शिमलाः पहाड़ी इलाकों में लगातार हो रही बारिश से राज्य को भारी नुकसान हो रहा है। दरअसल, जिले में लैंडस्लाइड के साथ-साथ बादल फटने की लगातार घटनाएं सामने आ रही है। वहीं अब कोटखाई खलटूनाला में भारी बारिश के रौद्र रूप की ताजा तस्वीर सामने आई है। कोटखाई की ऊंचाई वाली पहाड़ियों पर बादल फटने से देर रात कई गाड़ियां मलबे की चपेट में आ गईं।

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पेट्रोल पंप के सामने भी भारी मलबा आ गया। जिससे पेट्रोल पंप का आधा हिस्सा मलबे की चपेट में आ गया। पेट्रोल पंप पर मौजूद कर्मचारियों को अपनी जान बचाने के लिए वहां से भागना पड़ा। भारी बारिश के अलर्ट को देखते हुए ऊना जिला, कुल्लू के बंजार सब डिवीजन, शिमला के जुब्बल और मंडी के थुनाग में भी स्कूलों में छुट्टी कर दी गई। शिमला शहर के अलग-अलग नालों में आई बाढ़ व मलबे में 15 से ज्यादा गाड़ियां दबीं। किन्नौर के पूह में बादल फटने से सतलुज का जलस्तर बढ़ा।

इससे शिमला में रामपुर के गानवी में 26 लोगों के टैम्परेरी शेड, दुकानें और स्टोर बीती शाम के फ्लड में नष्ट हुए। यहां घरों को खाली कराया गया। गानवी पुलिस चौकी भी खतरे की जद में आई। बाढ़ के कारण गानवी जल विद्युत परियोजना का पुल ढह गया। शिमला शहर के लिए पेयजल सप्लाई करने वाला चाभा प्रोजेक्ट भी जलमग्न हो गया है, जिससे घरों में पानी नहीं पहुंचा।

शिमला, कुल्लू, सोलन और सिरमौर जिले में भी भारी बारिश से जगह-जगह लैंडस्लाइड हुए। इससे 1 नेशनल हाईवे समेत 395 सड़कें बंद हो गईं। शिमला और कुल्लू जिले में अलग-अलग जगहों पर 20 से ज्यादा गाड़ियां मलबे में दब गईं। मौसम विभाग ने चंबा, कांगड़ा और मंडी जिला में आज ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। अन्य जिलों में यलो अलर्ट की चेतावनी दी गई है। कल से वेस्टर्न डिस्टरबेंस थोड़ा कमजोर जरूर पड़ेगा। मगर प्रदेश के कई भागों में हल्की बारिश जारी रहेगी।

 

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