छपरोह पंचायत के करलू गांव में तेंदुए की दहशत, वन विभाग की टीम ने गांववासियों के साथ की गश्त

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वन विभाग के कर्मचारी निहत्थे गांव वासियों के साथ घूम रहे जंगल, ताकि  तेंदुए की दहशत से जनता को मिले निजात

ऊना/सुशील पंडित: उपमंडल बंगाणा की ग्राम पंचायत छपरोह के करलू गांव में रविवार को तेंदुए की मौजूदगी की सूचना ने ग्रामीणों में दहशत का माहौल पैदा कर दिया। ग्रामीणों द्वारा सूचना मिलते ही वन विभाग ऊना की टीम ने तत्काल गांव का रुख किया और क्षेत्र में गश्त शुरू कर दी। वन विभाग के अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और ग्रामीणों को सतर्क रहने के निर्देश दिए।

हालांकि कई घंटों की तलाशी और गश्त के बावजूद तेंदुए का कोई सुराग हाथ नहीं लग पाया। सूचना मिलते ही डीएफओ ऊना सुशील राणा ने खुद मामले की गंभीरता को देखते हुए एक्शन लिया और टीम को तत्काल मौके पर रवाना किया। डीएफओ ने कहा कि बरसात के मौसम में अक्सर तेंदुए जंगल से बाहर की ओर रुख कर लेते हैं, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में उनके दिखने की आशंका बढ़ जाती है। इसीलिए वन विभाग पूरी सजगता के साथ गांव में गश्त कर रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि बीते दिन रात को कुछ लोगों ने गांव के पास तेंदुए की आहट सुनी थी और मवेशियों के खलिहान के पास पैरों के निशान भी देखे गए थे।

इसी आधार पर उन्होंने वन विभाग को सूचना दी। ग्रामीणों ने यह भी कहा कि वन विभाग की टीम लगातार इलाके में डटी हुई है और समय-समय पर गश्त कर रही है। बरसात के इन दिनों में जंगलों में घास और झाड़ियां काफी घनी हो गई हैं। यही वजह है कि जंगली जानवरों का पता लगाना मुश्किल हो रहा है। ग्रामीणों ने चिंता जाहिर की कि बिना हथियारों के वन विभाग की टीम तेंदुए की तलाश में जुटी हुई है, जो कहीं न कहीं उनके लिए भी खतरा पैदा कर सकता है। हालांकि वन विभाग के अधिकारी इस स्थिति को नियंत्रित करने के लिए हरसंभव प्रयास कर रहे हैं।करलू गांव में तेंदुए की सूचना भले ही अभी तक सिर्फ आशंका साबित हुई हो, लेकिन इसने ग्रामीणों को सतर्क कर दिया है। वन विभाग की फुर्ती और तत्परता से गांव में लोगों का भरोसा कायम हुआ है। अब सभी की नजरें वन विभाग की आगे की कार्रवाई पर टिकी हैं, ताकि जल्द से जल्द स्थिति स्पष्ट हो सके और ग्रामीण चैन की सांस ले सकें।

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