पशु चिकित्सालय ललड़ी की बड़ी उपलब्धि

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7 किलोग्राम के जटिल मूत्रमार्गीय ट्यूमर का ऑपरेशन कर पशु को दिया नया जीवन

ऊना/सुशील पंडित: ऊना जिले के पशु चिकित्सालय ललड़ी ने पशु चिकित्सा के क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। अस्पताल के डॉक्टरों की कुशल टीम ने 7 किलोग्राम के जटिल मूत्रमार्गीय ट्यूमर का सफल ऑपरेशन कर पशु को नया जीवन दिया। इस जटिल ऑपरेशन को डॉ. मनोज शर्मा और डॉ. अनूप रुथवाल की टीम ने सफलतापूर्वक अंजाम दिया।
पशु स्वास्थ्य एवं प्रजनन विभाग, ऊना के उप निदेशक डॉ. विनय कुमार शर्मा ने इस उपलब्धि पर खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि पशु चिकित्सालय ललड़ी अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधाओं के लिए ऊना, कांगड़ा, हमीरपुर, बिलासपुर और पंजाब के कई हिस्सों के पशुपालकों के लिए एक प्रमुख केंद्र बन चुका है। यहां विश्वस्तरीय तकनीकों और उपकरणों का उपयोग कर जटिल सर्जरी और अन्य उपचार किए जा रहे हैं।

आधुनिक सुविधाओं से लैस है अस्पताल

पशु चिकित्सालय के वेटनरी ऑफिसर डॉ. मनोज शर्मा ने बताया कि अस्पताल में ट्यूमर के अलावा कैंसर, बांझपन और गर्भनिरोधक जैसे ऑपरेशन फॉरेन तकनीक से किए जाते हैं। विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम में उनके साथ डॉ. अनूप रुथवाल (वेटरनरी गायनोकोलॉजिस्ट), डॉ. नेहा चौहान (वेटरनरी मेडिसिन विशेषज्ञ) और डॉ. मोनिका ठाकुर (वेटरनरी पैथोलॉजिस्ट) शामिल हैं। यहां इलास्टोग्राफी और ईको कार्डियोग्राफी की सुविधा भी है, जिससे दिल की बीमारियों का इलाज भी आधुनिक विधियों से किया जाता है। नरम ऊतक सर्जरी, आंख-कान-दांत, आर्थोपेडिक सर्जरी, वक्ष शल्य चिकित्सा और कठिन प्रसव का इलाज भी यहां किया जाता है। अस्पताल में खून की जांच, क्लिनिकल बायोकेमिस्ट्री और अन्य प्रयोगशाला परीक्षण की सुविधाएं भी उपलब्ध हैं।

चिकित्सीय सेवाओं में किया जाता है यूरोपीय मानकों का पालन

डॉ. शर्मा ने बताया कि यहां ऑर्थोपेडिक सर्जरी, सॉफ्ट टिशू सर्जरी, हृदय सर्जरी, ट्यूमर सर्जरी और जन्म नियंत्रण सर्जरी जैसी जटिल प्रक्रियाएं भी सफलता से की जा रही हैं। यूरोपीय मानकों के अनुसार इनहेलेशन एनेस्थीसिया, ऐसप्टिक प्रक्रियाओं और सर्जरी के दौरान मल्टीपैरामीटर मॉनिटरिंग का उपयोग यहां की सर्जरी को सुरक्षित और प्रभावी बनाता है।
इसके अलावा अस्पताल से जुड़ी मोबाइल वेटरनरी वैन के जरिए भी क्षेत्र में पशुओं की चिकित्सा सेवा प्रदान कर रही है। इसके लिए लोग टोल फ्री नंबर 1962 पर कॉल कर सकते हैं।

उल्लेखनीय है कि उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री के प्रयासों से पशु चिकित्सालय ललड़ी का निर्माण करीब 2 कनाल भूमि पर 2 करोड़ रुपये की लागत से किया गया है। इसमें आधुनिक सेवाएं पशुपालकों के घर द्वार पर उपलब्ध हो रही हैं। यह संभव हुआ है। यहां जटिल बीमारियों का इलाज, कठिन सर्जरी के साथ-साथ पशुओं के प्रजनन और पोषण के बारे में भी पशुपालकों को सलाह दी जाती है। अपनी विशेषज्ञ सेवाओं, आधुनिक सुविधाओं और उपकरणों के चलते यह अस्पताल न केवल हिमाचल प्रदेश बल्कि पंजाब के भी कई जिलों के पशुपालकों के लिए एक महत्वपूर्ण संस्थान बन चुका है।

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