48 घंटे की भारी बारिश से लोनिवि बंगाणा का 7 करोड़ का नुक्सान

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दो करोड़ जल शक्ति एवं दस लाख राजस्व का नुक्सान

लोनिवि बंगाणा के नुक्सान का आंकड़ा 45 करोड़ पार,कुटलैहड़ के चार दर्जन से ज्यादा जगहों पर हुई लैंड स्लाइडिंग

ऊना/सुशील पंडित: उपमंडल बंगाणा में बीते 48 घंटों से लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। भारी बारिश ने जहां ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में लोगों की परेशानियां बढ़ाई हैं, वहीं विभागीय स्तर पर भी करोड़ों का नुक्सान हुआ है। लोक निर्माण विभाग मंडल बंगाणा को ही 48 घंटे में लगभग 7 करोड़ रुपए के नुक्सान का सामना करना पड़ा है। अधिशाषी अभियंता अरविंद लखनपान ने जानकारी देते हुए बताया कि इस बरसात में अब तक लोनिवि बंगाणा को कुल मिलाकर 45 करोड़ रुपए का नुक्सान दर्ज हो चुका है। इनमें अधिकांश नुक्सान लिंक सड़कों, ग्रामीण संपर्क मार्गों और पुलियों के बह जाने से हुआ है। कई स्थानों पर भूस्खलन के कारण सड़कें पूरी तरह से अवरुद्ध हो गई हैं, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में आवाजाही ठप पड़ गई है।

वहीं दूसरी ओर जल शक्ति विभाग मंडल थानाकला को भी भारी नुक्सान झेलना पड़ा है। मात्र 48 घंटे की बरसात ने विभाग को लगभग दो करोड़ रुपए का नुकसान पहुंचाया है। कई जगहों पर पेयजल आपूर्ति करने वाली पाइप लाइनों के टूट जाने से जल योजनाएं बाधित हो गई हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में पीने के पानी का संकट गहराने लगा है, जिससे स्थानीय लोग परेशान हैं। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि क्षति की रिपोर्ट तैयार कर सरकार को भेजी जा रही है ताकि समय पर राहत व मरम्मत कार्य शुरू किए जा सकें। बरसात से हुए नुक्सान को देखते हुए कुटलैहड़ के विधायक विवेक शर्मा ने जनता से अपील की है कि सभी लोग धैर्य और संयम बनाए रखें। उन्होंने कहा कि यह प्राकृतिक आपदा है, ऐसे हालात में सबसे जरूरी है कि लोग सतर्क और सुरक्षित रहें। विधायक ने भरोसा दिलाया कि प्रदेश सरकार और प्रशासन हर संभव प्रयास करेगा कि हुए नुक्सान की भरपाई जल्द से जल्द की जाए।

उन्होंने यह भी कहा कि विभागीय टीमें लगातार मौके पर पहुंचकर क्षति का आकलन कर रही हैं और प्राथमिकता के आधार पर जरूरी मरम्मत कार्य शुरू किए जाएंगे। भारी बारिश से उपमंडल बंगाणा के कई गांवों में घरों और खेतों को भी क्षति पहुंची है। पहाड़ी क्षेत्रों से पत्थर और मलबा गिरने से कई ग्रामीणों के मकानों में दरारें आ गई हैं। कुछ स्थानों पर निचले इलाकों में पानी घुस जाने से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट करना पड़ा। प्रशासन ने स्थानीय लोगों से अपील की है कि वे नदी-नालों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों के आसपास न जाएं। इस समय उपमंडल बंगाणा में सबसे बड़ी चुनौती टूटी हुई सड़कें और बाधित पेयजल आपूर्ति है।

लोक निर्माण विभाग और जल शक्ति विभाग की टीमें निरंतर कार्य कर रही हैं, लेकिन लगातार हो रही बरसात से राहत कार्य प्रभावित हो रहे हैं। प्रशासन की ओर से एडवाइजरी जारी कर लोगों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। कुल मिलाकर, 48 घंटे की बारिश ने बंगाणा क्षेत्र में तबाही मचा दी है। करोड़ों का विभागीय नुक्सान और जनता की परेशानियां आने वाले समय में भी चुनौती बनी रहेंगी। हालांकि, सरकार और स्थानीय प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि प्रभावित क्षेत्रों को हर संभव मदद दी जाएगी और धीरे-धीरे स्थिति को सामान्य किया जाएगा।

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