Punjab News: सतलुज नदी का जलस्तर बढ़ने से Defense बांध टूटा, Retreat समारोह स्थगित

Written by

in

फिरोजपुरः सतलुज नदी में लगातार बढ़ रहे जलस्तर और तेज बहाव ने एक बार फिर से सीमा क्षेत्र में खतरा खड़ा कर दिया है। भारत-पाक अंतरराष्ट्रीय सीमा पर स्थित डिफेंस बांध का एक बड़ा हिस्सा टूट गया। वहीं वर्तमान बाढ़ की स्थिति को देखते हुए हुसैनीवाला में पर्यटकों के लिए आयोजित होने वाला रिट्रीट समारोह अगले कुछ दिनों के लिए अस्थायी रूप से स्थगित कर दिया गया है। स्थिति में सुधार होते ही रिट्रीट समारोह पुनः शुरू हो जाएगा। समारोह पुनः शुरू होने के बाद मीडिया प्रतिनिधियों को इसकी जानकारी दी जाएगी। दरअसल, बांध टूटते ही नदी का पानी तेजी से बहते हुए पाकिस्तान क्षेत्र में दाखिल हो गया। बताया जा रहा है कि पानी पाकिस्तानी बांध से टकराकर वापस भारतीय क्षेत्र की ओर मुड़ा और सीधे संयुक्त चेक पोस्ट (जेसीपी) हुसैनीवाला तक पहुंच गया। इसके चलते जेसीपी क्षेत्र में करीब 7 फीट तक जलभराव हो गया है।

बांध टूटने के बाद पानी का बहाव जिस रफ्तार से बढ़ा है, उससे हुसैनीवाला स्थित जेसीपी के लिए गंभीर स्थिति उत्पन्न हो गई। यदि आने वाले दिनों में जलस्तर और बढ़ा तो जेसीपी की सुरक्षा संरचना को नुकसान पहुंचने की भी आशंका जताई जा रही है। बांध टूटने के बाद निकला पानी पाकिस्तानी जिले कसूर के कई गांवों में पहुंच चुका है। हाकूवाड़ा, क्लिंजरां, गंडा सिंह वाला और भिखीपिंड जैसे गांव पानी की चपेट में हैं। इन गांवों के खेतों और घरों में पानी घुसने से लोगों को भारी नुकसान का सामना करना पड़ रहा है। वहीं प्रशासनिक स्तर पर अभी तक स्थिति पर काबू पाने की कोई ठोस कोशिश नजर नहीं आ रही।

दिलचस्प बात यह रही कि जिस बांध के टूटने से पाकिस्तानी क्षेत्र में तबाही मची, उसी घटना ने भारतीय सरहदी गांवों को कुछ हद तक राहत दी है। गट्टी राजोके, भखड़ा और हजारा सिंह वाला जैसे गांवों में पानी का स्तर पहले की तुलना में घटा है। ग्रामीणों का कहना है कि पिछले कई दिनों से पानी के दबाव के कारण वे दहशत में जी रहे थे, लेकिन बांध टूटने से फिलहाल उनके गांवों में खतरा कम हो गया है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि सतलुज नदी में जलस्तर इसी तरह बढ़ता रहा तो पाकिस्तान का डिफेंस बांध भी टूट सकता है। दरअसल, सतपाल की चौकी के पास से टूटा भारतीय बांध सीधे पाकिस्तान के डिफेंस बांध को टक्कर मार रहा है। लगातार बढ़ते दबाव से उस बांध की मजबूती पर सवाल खड़े हो गए हैं। यदि वहां बांध टूटा तो कसूर जिले के और भी अधिक गांव बाढ़ की चपेट में आ सकते हैं और नुकसान का दायरा बढ़ जाएगा। सीमा क्षेत्र की इस संवेदनशील स्थिति को देखते हुए भारतीय प्रशासन अलर्ट मोड पर आ गया है। स्थानीय प्रशासन ने सुरक्षा एजेंसियों के साथ मिलकर हालात पर नजर बनाए रखी है। वहीं ग्रामीणों को नदी किनारे न जाने और सुरक्षित स्थानों पर शरण लेने की अपील की जा रही है।

Comments

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *