किसानों की समृद्धि का नया अध्याय लिख रही एचपी शिवा परियोजना

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ऊना जिले में 224 हेक्टेयर भूमि लाई जाएगी योजना के अंतर्गत, ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगा नया बल

ऊना/सुशील पंडित: हिमाचल सरकार की 1292 करोड़ रुपये की महत्वाकांक्षी एचपी शिवा परियोजना प्रदेश के किसानों-बागवानों की ज़िंदगी में समृद्धि का नया अध्याय लिख रही है। एशियन विकास बैंक के सहयोग से क्रियान्वित इस योजना के तहत ऊना ज़िले ने इसे ज़मीन पर उतारने में एक शानदार नज़ीर पेश की है। आधुनिक तकनीकों, गुणवत्तापूर्ण पौधारोपण, वैज्ञानिक मार्गदर्शन और सरकारी सहयोग के समन्वय ने किसानों की आय बढ़ाने के साथ-साथ ग्रामीण युवाओं के लिए स्वरोज़गार के नए द्वार भी खोले हैं।

जिले में विस्तार की व्यापक तैयारी
शुरुआती चरण में ऊना ज़िले के बंगाणा विकास खंड में लागू की गई यह योजना अब पूरे ज़िले में विस्तार के लिए तैयार है।  बागवानी विभाग ऊना के उपनिदेशक डॉ. के.के. भारद्वाज बताते हैं कि आने वाले वर्षों में जिले में लगभग 224 हेक्टेयर भूमि को एचपी शिवा परियोजना के अंतर्गत लाने का लक्ष्य है।
वे बताते हैं कि योजना के तहत बीते तीन वर्षों में बंगाणा क्षेत्र में 11 अग्रिम पंक्ति प्रदर्शनी स्थल विकसित किए गए हैं, जिनमें लगभग 2 करोड़ की लागत से 11 हेक्टेयर भूमि पर अमरूद, अनार और माल्टा जैसे फलदार पौधों का रोपण किया गया है। किसानों को पौधों की देखभाल, कीट नियंत्रण और उन्नत तकनीकों का प्रशिक्षण देकर बगीचों की उत्पादकता और गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार हुआ है।

इस साल 55 हजार पौधारोपण

डॉ. भारद्वाज बताते हैं कि वर्ष 2024-25 में बंगाणा विकास खंड के अंतर्गत 15 हेक्टेयर भूमि पर 17 हज़ार उच्च गुणवत्ता वाले अमरूद के पौधे लगाए गए हैं। वहीं, वर्ष 2025-26 में 50 हेक्टेयर भूमि पर अमरूद, मौसमी और माल्टा 55 हज़ार पौधे लगाने का काम किया जा रहा है।

सिंचाई सुविधाओं के सशक्त नेटवर्क के विकास पर बल
बागवानी उपनिदेशक ने बताया कि परियोजना के तहत किसानों को शत-प्रतिशत सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने के लिए जल शक्ति विभाग के सहयोग से सवा 15 करोड़ रुपये की 7 सिंचाई योजनाओं पर कार्य जारी है। इसमें उठाऊ पेयजल योजनाएं, पुरानी सिंचाई प्रणालियों का जीर्णोद्धार और चैक डैम जैसी सुविधाएं शामिल हैं। साथ ही इस परियोजना में फलदार पौधे लगाने के लिए क्लस्टर की भूमि का विकास, उच्च गुणवत्ता के फलदार पौधे, कंपोजिट फेंसिंग, ड्रिप इरीगेशन का कार्य इत्यादि भी परियोजना के अंतर्गत शत प्रतिशत अनुदान पर किया जा रहा है ।

बंगाणा में रिकॉर्ड पौधारोपण
वहीं, बागवानी विकास अधिकारी बंगाणा, वीरेंद्र कुमार बताते हैं कि ब्लॉक में इस साल जुलाई और अगस्त में 9 समूहों ने 40 हेक्टेयर भूमि पर 45,953 अमरूद और माल्टा के पौधों का रोपण किया है। इस अभियान से 386 किसानों को प्रत्यक्ष लाभ मिला है। विभाग पौधारोपण के साथ तकनीकी मार्गदर्शन, प्रशिक्षण और संसाधन उपलब्ध करवाकर किसानों को बागवानी को लाभकारी और टिकाऊ व्यवसाय के रूप में अपनाने के लिए प्रोत्साहित कर रहा है।

पूरे प्रदेश में व्यापक असर, 15 हजार परिवार होंगे लाभान्वित
उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने राज्य सरकार के दो वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य पर दिसंबर 2024 को बिसालपुर में आयोजित राज्यस्तरीय कार्यक्रम में एचपी शिवा परियोजना का विधिवत शुभारंभ किया था। इसके जरिए छोटे व सीमांत किसानों को प्राथमिकता देकर उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाने का काम किया जा रहा है। राज्य स्तर पर इस परियोजना के तहत साल 2028 तक 1292 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। प्रदेशभर में कुल 28 विकास खंडों की लगभग 6,000 हेक्टेयर भूमि को बागवानी के दायरे में लाने का लक्ष्य है। बिलासपुर, हमीरपुर, कांगड़ा, मंडी, सिरमौर, सोलन और ऊना ज़िले के 15,000 से अधिक परिवारों को इस परियोजना से लाभ मिलेगा।

क्या कहते हैं जिलाधीश
जिलाधीश ऊना जतिन लाल का कहना है मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के निर्देशानुसार जिले में एचपी शिवा परियोजना का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा रहा है। बागवानी विभाग के माध्यम से यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि किसानों को पौधारोपण से लेकर सिंचाई और मार्केटिंग तक हर स्तर पर पूरी सहायता मिल सके। हमारा प्रयास है कि इस योजना के माध्यम से न केवल किसानों की आय बढ़े, बल्कि युवाओं को बागवानी क्षेत्र में रोजगार और उद्यमिता के नए अवसर बनें।

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