भारत में iPhone की शॉर्टेज, Pre Booking के बाद भी करना पड़ रहा इंतजार

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टेकः आईफोन 17 प्रो और 17 प्रो मैक्स की भारत में बुकिंग शुरू होते ही शॉर्टेज हो गई है। जिससे ग्राहकों को परेशानी का सामने करना पड़ रहा है। रिटेलर्स का कहना है कि अगर आप आईफोन 17 प्रो या प्रो मैक्स खरीदने की सोच रहे हैं, तो कम से कम एक हफ्ते रुकना पड़ सकता है। कंपनी ने 9 सितंबर को एनुअल इवेंट में आईफोन 17 सीरीज लॉन्च करने के बाद 12 सितंबर को स्मार्टफोन्स की प्री-बुकिंग शुरू की थी। आईफोन 17 की शुरुआती कीमत 82,900 रुपए है और 19 सितंबर से इनकी बिक्री शुरू होगी।

रिपोर्ट के अनुसार कुछ बड़े रिटेल स्टोर्स ने कहा है कि उनके पास आईफोन के टॉप मॉडल्स की सप्लाई बहुत कम है, जो लोग ये हाई-एंड मॉडल्स चाहते हैं, उन्हें एपल स्टोर्स या ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स से खरीदना पड़ सकता है। रिपोर्ट के अनुसार ये कमी इसलिए हुई, क्योंकि एपल ने अपना रिटेल नेटवर्क बढ़ाकर 500 शहरों तक पहुंचा दिया है, जिससे हर स्टोर को मिलने वाले आईफोन 17 प्रो और प्रो मैक्स की संख्या कम हो गई है।

रिटेलर्स का कहना है कि ज्यादातर स्टॉक बेस मॉडल्स के लिए है। मिसाल के तौर पर अगर किसी स्टोर को 500 फोन मिलते हैं, तो उनमें से सिर्फ 50 प्रो और 10 प्रो मैक्स होते हैं। 512GB और 1TB जैसे हाई-कैपेसिटी मॉडल्स तो और भी कम मिल रहे हैं। इस बीच, बिक्री शुरू होने के बाद एपल स्टोर्स पर ग्राहकों की अच्छी-खासी भीड़ आने की उम्मीद है। हालांकि, कंपनी ने इस महीने की शुरुआत में बेंगलुरु और पुणे में दो नए स्टोर खोलकर अपने रिटेल नेटवर्क का विस्तार किया।

आईफोन 17 प्रो और प्रो मैक्स की डिमांड ज्यादा
एक रिटेलर ने बताया कि बिक्री शुरू होने वाले दिन ज्यादातर ग्राहक खासकर हाई-स्टोरेज वाले प्रो या प्रो मैक्स चाहते हैं, लेकिन हमारे पास इतने यूनिट्स ही नहीं कि उनकी डिमांड पूरी कर सकें। जो रिटेलर्स एडवांस बुकिंग लेते हैं, उनके लिए ये कमी और मुश्किल पैदा कर रही है। कुछ रिटेलर्स ग्राहकों को बेस मॉडल्स की तरफ मोड़ने की कोशिश कर रहे हैं, क्योंकि इसका स्टॉक भरपूर है। एक दूसरे रिटेलर ने कहा कि एपल के डिस्ट्रीब्यूटर्स ने 19 सितंबर की सेल के लिए पर्याप्त स्टॉक का भरोसा दिया है और दूसरा बैच भी जल्द आएगा, लेकिन पहला लॉट पिछले साल के मुकाबले 40% कम है। ज्यादातर रिटेलर्स मानते हैं कि हर साल लॉन्च के शुरुआती हफ्तों में प्रो मॉडल्स की कमी हो जाती है, जो बाद में धीरे-धीरे ठीक हो जाती है।

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