Donald Trump पर भड़के अमेरिकी सांसद, भारत पर लगे टैरिफ को बताया गलत

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नई दिल्ली: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत को लेकर जो नीति अपनाई है उस नीति की उन्हीं के देश आलोचना हो रही है। अमेरिका के तीन सीनियर डेमोक्रेटिक सांसदों ने सोमवार को कहा है कि ट्रंप ने भारत जैसे सहयोगी को रुस और चीन की ओर धकेलकर अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा को कमजोर करने की कोशिश की है। उनका कहना है कि इसके कारण रुस से लेकर उत्तर कोरिया तक, सत्तावादी नेताओं को भी प्रोत्साहन मिलेगा। तीन सांसदों की ओर से जारी एक बयान में यह कहा गया कि ट्रंप हमारी राष्ट्रीय सुरक्षा कमजोर कर रहे हैं और दुनिया को और भी खतरनाक बना रहे हैं। वो घरेलू और वैश्विक मंच पर लगातार अपनी कमजोरी और लापरवाही का परिचय दे रहे हैं।

भारत का साथ ऐसा रुख सही नहीं है

यह बयान न्यूयॉर्क के सांसद ग्रेगरी डब्ल्यू, मीक्स, वाशिंगटन के एडम स्मिथ और कनेक्टिकट के सांसद जिम हिम्स की ओर से दिया गया है। ये सांसद सदन की विदेश मामलों, सशस्त्र सेवाओं और खुफिया समितियों में रैंकिंग डेमोक्रेट हैं। एक रिपोर्ट के अनुसार, बयान में इन तीनों सासंदों की ओर से ट्रंप की विदेश नीति की बहुत आलोचना की गई है। उनका कहना है कि ट्रंप प्रशासन यूक्रेन में युद्ध से सही तरह से नहीं निपट रहे और अपने साथियों के साथ भी उनका रुख सही नहीं है। तीनों सांसदों ने इस बात की भी तीखी आलोचना की है कि भारत जैसे साथी पर भारी टैरिफ लगाकर अमेरिका को भारी नुकसान किया गया है। उन्होंने ये चेदावनी भी दी है कि ऐसे कदम भारत और बाकी देशों को रुस, चीन और उत्तर कोरिया की ओर धकेल रहे हैं।

पुतिन को मजबूत बना रहे हैं ट्रंप

डेमोक्रेट सांसदों ने रुसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ ट्रंप की शिखर वार्ता की भी आलोचना की। उनका कहना है कि अपने विनाशकारी शिखर सम्मेलन के दौरान व्लादिमीर पुतिन के लिए सचमुच रेड कार्पेट बिछाने से लेकर अपने सहयोगियों पर भारी टैरिफ लगाना अमेरिका को कमजोर बना रहा है उसे मजबूत नहीं बना रहे। उन्होंने ट्रंप पर रुस की हां में हां मिलाने का भी आरोप लगाया है। उन्होंने लिखा कि – अपने प्रशासन की शुरुआत से ही डोनाल्ड ट्रंप पुतिन की हां में हां मिलाते हैं और रुस के अन्यायपूर्ण और क्रूर आक्रमण के लिए हमेशा राष्ट्रपति जेलेंस्की और यूक्रेन को जिम्मेदार ठहराते हैं जो कि गलत है। उनका कहना है कि इसके नतीजे भी नजर आने लगे हैं और रुस ने इसको देखते हुए अपनी आक्रामकता भी बढ़ा दी है।

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