मोरक्को पहुंचे Rajnath Singh की पाकिस्तान को चेतावनी, बोले – ‘POK खुद कहेगा मैं भारत हू’

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नई दिल्ली: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह दो दिन के मोरक्को दौरे पर हैं। आज उन्होंने भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए पाकिस्तान और पीएओके पर बड़ा बयान दिया है। राजनाथ सिंह ने कहा कि भारत को पीओके पर कब्जा करने के लिए किसी आक्रामक कार्रवाई की जरुरत नहीं है। वहां के लोग खुद ही आजादी की मांग कर रहे हैं और जल्द ही वो इलाका यह कहेगा कि – मैं भी भारत हूं।

पीओके के बिगड़ रहे हैं हालात

मोरक्को में भारतीय समुदाय के साथ बात करते हुए रक्षा मंत्री ने कहा कि पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर के हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं। वहां पर लोग अपनी मौजूदा सरकार से परेशान हैं और भारत का हिस्सा भी बनना चाहते हैं। राजनाथ सिंह ने कहा कि पांच साल पहले भी उन्होने कश्मीर घाटी में भारतीय सेना को संबोधित करते हुए यही बात कही थी कि पीओके पर हमला करने की जरुरत नहीं है यह युद्ध क्षेत्र भारत में शामिल होगा।

विपक्ष को दिया करारा जवाब

रक्षा मंत्री ने यह बयान उस समय पर दिया है जब विपक्ष ने यह आरोप लगाया था कि केंद्र सरकार की ओर से 7 मई को ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पीओके पर कब्जा करने का मौका गंवा दिया गया। ऐसे में राजनाथ सिंह का यह बयान पाकिस्तान के साथ-साथ विपक्ष के लिए भी करारा जवाब ही है। अपने संबोधन में रक्षा मंत्री ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के द्वारा लगाए गए टैरिफ मुद्दे पर भी बात की है। रक्षा मंत्री ने कहा कि जब ट्रंप प्रशासन ने भारतीयों पर 50% टैरिफ लगाया था तो भारत ने तुरंत प्रतिक्रिया नहीं दी थी। जो लोग दूर की सोच और बड़े दिल वाले होते हैं वो हर बात पर उसी समय प्रतिक्रिया नहीं देते है। रक्षा मंत्री की मोरक्को की यात्रा कई मायनों में जरुरी है। वो यहां रेचिड में टाटा एडवांस्ड सिस्टम के व्हील्ड आर्मर्ड प्लेटफॉर्म के विनिर्माण संयंत्र का उद्घाटन करेंगे। बता दें कि ऐसा पहली बार हुआ है जब कोई भारतीय रक्षा मंत्री मोरक्को की यात्रा पर गया है।

पाकिस्तान को दिया अल्टीमेटम

रक्षा मंत्री के इस बयान के बाद पाकिस्तान को अल्टीमेटम मिल गया है। पीओके को लेकर भारत के इस संदेश के बाद न सिर्फ वहां की स्थिति पर रोशनी पड़ी है बल्कि आने वाले समय की दिशा भी तय हो गई है। राजनाथ सिंह ने यह साफ कर दिया है कि पीओके को वापिस लेने के लिए युद्ध का नहीं बल्कि वहां की जनता की इच्छाशक्ति ही काफी है।

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