नगर निगम के गहन तक पंचायत प्रतिनिधियों को विकास कार्यों का अधिकार दे सरकार: सत्ती

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नगर निगम चु‌नाव आचार संहिता लगने तक संबंधित ग्राम पंचायतों को भंग नहीं किए जाने की मांग

ऊना/सुशील पंडित: ऊना के नजदीक के गांवों को सरकार द्वारा नगर निगम में शामिल किया गया है जिसमें उन सभी पंचायतों के अधिकार छीन लिए गए हैं जिसमें अव पंचायत प्रतिनिधि कोई भी विकास के कार्य नहीं करवा पा रहे हैं। आज सभी पंचायतों के प्रतिनिधि विधायक सतपाल सिंह सत्ती के नेतृत्व में जिला मुख्यालय पर इक्कठे हुए और प्रैस वार्ता करने के बाद जिलाधीश ऊना को ज्ञापन सौंप कर उन के अधिकार लौटाने की मांग की गई। जिलाधीश ऊना जतिन लाल को दिए गए ज्ञापन में पंचायत प्रतिनिधियों ने कहा कि हम सभी उन ग्राम पंचायतों के जनप्रतिनिधि हैं, जिन्हें हाल ही में प्रदेश सरकार द्वारा एक अधिसूचना जारी करते हुए ऊना नगर निगम में शामिल किया गया है।  इस नगर निगम के गठन को लेकर केवल मात्र अभी अधिसूचना ही जारी की गई है। जबकि नगर निगम में अभी तक वार्डों के गठन को लेकर भी कोई औपचारिकता आरंभ नहीं की गई। लेकिन इससे पहले ही उन पंचायतों को भंग करने का तुगलकी फरमान जारी कर दिया गया है, जिन्हें नगर निगम में शामिल होने के आदेश जारी कर दिए गए।

इन सभी ग्राम पंचायतों के चुने हुए जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने नगर निगम में शामिल होने का विरोध किया था। जबकि पंचायतों द्वारा की गई मांग को लेकर न तो किसी तरह की चर्चा की गई न ही इस ओर कोई ध्यान दिया गया। महोदय अब इन ग्राम पंचायतों में विकास के कार्य कैसे होंगे। इन पंचायती राज संस्थाओं में विकास कार्यों के लिए जो बजट उपलब्ध किया गया है, इसका इस्तेमाल करने पर भी रोक लगा दी गई है। इन ग्राम पंचायतों का गठन जनवरी 2021 में किया गया था। जिनका कार्यकाल जनवरी 2026 तक है। लेकिन नगर निगम के गठन के बहाने इन पंचायतों को भंग करते हुए चुने हुए प्रतिनिधियों को उनके अधिकारों और कर्तव्यों से वंचित किया जा रहा है। जिसका सीधा असर पंचायती राज संस्थाओं द्वारा शुरू किए गए विकास कार्यों के साथ प्रस्तावित विकास कार्यों पर पड़ रहा है। हम सभी पंचायत प्रतिनिधि ग्रामीणों के साथ नगर निगम में शामिल होने को लेकर विरोध भी दर्ज करवा चुके हैं लेकिन इस मामले में अभी तक हमारा पक्ष सुनने को लेकर किसी तरह की कदमताल नहीं हुई है। भारी विरोध के बावजूद इन सभी ग्राम पंचायत को जबरदस्ती नगर निगम में शामिल करने का आदेश जारी कर दिया गया। नगर निगम के चुनाव की आचार संहिता लागू होने तक संबंधित ग्राम पंचायतों को भंग नहीं किया जाना चाहिए। ताकि यहां के काम सुचारू रूप से निपटाए जा सके।

उन्होंने कहा कि जिस लोकतांत्रिक प्रक्रिया के तहत आपका चुनाव 5 वर्ष के लिए किया गया है, इस प्रक्रिया के तहत पंचायती राज एक्ट में ग्राम पंचायतों के जनप्रतिनिधियों को भी 5 वर्ष के लिए अपने अधिकृत क्षेत्र की जिम्मेदारी मिली है, लेकिन सरकार द्वारा इन सभी ग्राम पंचायतों को भंग करते हुए पंचायती राज अधिनियम पर कुठाराघात किया जा रहा है। पंचायत प्रतिनिधियों ने कहा कि इसी वर्ष अप्रैल माह में ग्रामीण क्षेत्रों में बीपीएल का सर्वे होना है जिसमें अपात्र लोगों को इस श्रेणी से बाहर करते हुए पात्र लोगों को इसका लाभ देने के लिए इस सूची में जोड़ा जाना है। यदि इन क्षेत्रों में ग्राम पंचायत ही प्रभावी नहीं होगी तो यह सर्वेक्षण कैसे हो पाएगा। इसके अतिरिक्त ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को जन्म प्रमाण पत्र, मृत्यु प्रमाण पत्र और कई प्रकार के ऐसे काम जो ग्राम पंचायत के कार्यालय में तस्दीक होने के बाद ही आगामी कार्रवाई के लिए विभिन्न कार्यालयों में भेजे जाते हैं, वह भी पूरी तरह से ठप होकर रह जाएंगे। इन सभी विषयों पर गंभीरता से विचार मंथन करते हुए प्रदेश सरकार में ग्रामीण विकास और पंचायती राज मंत्री सहित शहरी विकास मंत्री को निर्देश देंगे कि नगर निगम की चु‌नाव आचार संहिता लगने तक संबंधित ग्राम पंचायतों को भंग नहीं किया जाए।

इस मौके पर विधायक सदर सतपाल सिंह सत्ती सतपाल सिंह सत्ती,अशीक धीमान जिला परिषद सदस्य टब्बा वार्ड,उपप्रधान ग्राम पंचायत लोअर अरनियाला अजीत कुमार, प्रधान ग्राम पंचायत कोटला कला अप्पर सरजीवन, प्रधान ग्राम पंचायत कुठार खुर्द रचना देवी,पंचायत समिति सदस्य जलग्रा टब्बा जंग बहादुर, पंचायत समिति सदस्य अरनियाला नीलम कुमारी, उपप्रधान ग्राम पंचायत कोटला कलां अप्पर संजय कुमार, प्रधान ग्राम पंचायत कोटला कलां लोअर राज रानी, उपप्रधान ग्राम पंचायत कुठार खुर्द चमन लाल,प्रधान ग्राम पंचायत जलग्रा टब्या सुदेश कुमारी,उपप्रधान ग्राम पंचायत जलग्रां टव्वा रशपाल सिंह, प्रधान ग्राम पंचायत अजनोली सतपाल सैनी,उपप्रधान ग्राम पंचायत अजनोली मंगल सिंह, उपप्रधान ग्राम पंचायत रैंसरी दलजीत सिंह,प्रधान ग्राम पंचायत मलाहत गुरचरण सिंह,ग्राम पंचायत अप्पर अरनियाला रेणु बाला, उपप्रधान ग्राम पंचायत लालसिंगी हरबंस लाल, प्रधान ग्राम पंचायत रामपुर सुमन कुमारी मौजूद रहे।

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