Jalandhar News: साल में एक बार आज के दिन खुलते हैं महिलाओं और बच्चों के लिए मंदिर के कपाट, उमड़ी भीड़, देखें वीडियो

जालंधर, ENS: सिद्ध शक्तिपीठ श्री देवी तालाब मंदिर परिसर के काली माता मंदिर के कपाट खुल गए है। इस मंदिर के कपाट साल में एक बार दशहरा पर्व पर ही खुलते है। मां यह मंदिर साल में एक बार ही महिलाओं और बच्चों के लिए खोला जाता है। इस मंदिर के निर्माण को लेकर कई धार्मिक ग्रंथों में भी जिक्र किया गया है। बताया जाता है कि महाराजा रणजीत सिंह भी मां महाकाली की उपासना के लिए यहां पर आए थे। वह बताते हैं कि इस मंदिर के कपाट पुरुषों के लिए वर्ष भर खुले रहते हैं। लेकिन महिलाएं तथा बच्चे यहां पर केवल दशहरे वाले दिन ही आकर नतमस्तक हो सकते हैं।

दशहरे पर खुले काली माता मंदिर में माथा टेकने के लिए लगी महिलाओं की लंबी लाइन लगना शुरू हो गई है। प्राचीन ट्रस्ट महाकाली मंदिर सदियों पुरानी और रहस्यमय परंपरा के कारण चर्चा का विषय रहता है। इस अनूठी परंपरा के पीछे एक तपस्वी मोहनी बाबा की कठोर तपस्या और उनके द्वारा स्थापित नियम को कारण बताया जाता है। बताया जाता है कि हजारों साल पहले श्री देवी तालाब परिसर में मोहनी बाबा ने तपस्या की थी। इस स्थान पर आज मां महाकाली का मंदिर स्थापित है।

मंदिर के इतिहास में बताया गया है कि बाबा की तपस्या में कोई विघ्न न पड़े इसलिए बाबा ने यहां आने पर रोक लगा दी थी, खासकर महिलाओं के लिए तपस्या में लीन बाबा के दर्शनों की मनाही थी। बाबा की तपस्या पूरी होने के बाद और यहां मंदिर स्थापित होने पर इसे साल में एक बार महिलाओं के लिए खोलने की परंपरा बनी। आज दशहरा पर्व पर मां महाकाली मंदिर के चौथे फ्लोर पर बने पुराने मंदिर के कपाट सुबह 5 बजे से खोल दिए गए हैं। महिलाएं और बच्चे रात 8 बजे के बाद तक मंदिर में माथा टेक सकते हैं। इसके बाद मां की आरती के साथ फिर से कपाट बंद कर दिए जाएंगे।

Comments

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *