6 की तीव्रता से लगे भूकंप के तेज झटके

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टोक्यो: जापान में शनिवार देर रात होन्शू के पूर्वी तट पर 6 तीव्रता के भूकंप से धरती कांप उठी। जर्मन रिसर्च सेंटर फॉर जियोसाइंसेज ने बताया कि भूकंप की तीव्रता 6 थी और यह जमीन के 10 किलोमीटर की गहराई पर था। रिपोर्ट में बताया गया है कि लोगों ने हल्के झटके महसूस किए। भूकंप के बाद सुनामी को लेकर कोई खतरा नहीं बताया गया है। अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण ने (USGS) झटकों और नुकसान के लिए ग्रीन अलर्ट जारी किया है। हताहतों और नुकसान की संभावना कम है। जापान एक अत्यंत सक्रिय भूकंपीय क्षेत्र में स्थित है और उसके पास दुनिया का सबसे सघन भूकंपीय नेटवर्क है। होन्शू के जिस क्षेत्र में भूकंप के झटके महसूस किए गए, वहां आबादी ऐसी संरचनाओं में रहती है, जो भूकंप के झटकों के प्रति प्रतिरोधी हैं। हालांकि, कुछ संवेदनशील इमारतें भी मौजूद हैं। प्रमुख रूप से संवेदनशील इमारतें भारी लकड़ी के फ्रेम या सीमित चिनाई वाली हैं।

जापान प्रशांत अग्नि वलय (रिंग ऑफ फायर) के एक ज्वालामुखी क्षेत्र में स्थित है। इसके द्वीपों में अक्सर कम तीव्रता के भूकंप और कभी-कभी ज्वालामुखी गतिविधि महसूस की जाती है। यहां कई विनाशकारी भूकंप आ चुके हैं, जो सुनामी का कारण बनते हैं। हाल के प्रमुख भूकंपों में 2024 का नोटो भूकंप, 2011 का तोहोकू भूकंप, 2004 का चुएत्सु भूकंप और 1995 का महान हानशिन भूकंप शामिल है। जापान में भूकंपों को मापने के लिए आमतौर पर शिंदो पैमाने का प्रयोग किया जाता है। यह अमेरिका में इस्तेमाल होने वाले संशोधित मर्काली तीव्रता पैमाने, चीन के लिएडू पैमाने या यूरोपीय मैक्रोसीस्मिक पैमाने की तरह है। यह पैमाना किसी निश्चित स्थान पर भूकंप की तीव्रता को मापता है, न कि रिक्टर पैमाने की तरह भूकंप के केंद्र पर उत्पन्न ऊर्जा स्रोत को मापता है। शिंदो 10 स्तरों वाली इकाई है, जिसमें शिंदो 0 एक बहुत हल्का कंपन से लेकर शिंदो 7 एक गंभीर भूकंप तक होती है।

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