अहमदाबाद एयर प्लेन हादसे को लेकर नागर विमानन मंत्री का बयान, बोले – ‘कोई भी हेराफेरी नहीं हो रही’

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नई दिल्ली: 12 जून को अहमदाबाद एयर इंडिया विमान हादसे को लेकर नागर विमानन मंत्री का अहम बयान सामने आया है। उन्होंने कहा कि हादसे की जांच में कोई भी हेराफेरी नहीं हो रही। एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो इस विमान हादसे की जांच कर रही है। केंद्रीय मंत्री ने यह बयान उस समय दिया है जब एएआईबी की जांच पर सवाल उठाए गए हैं।

AAIB की रिपोर्ट आने के बाद चलेगा पता

केंद्रीय मंत्री नायडू ने आज अहमदाबाद विमान हादसे को लेकर कहा कि वास्तव में उस दौरान क्या हुआ था यह जानने के लिए सभी को एएआईबी की अंतिम जांच रिपोर्ट का इंतजार करना पड़ेगा। उनका कहना है कि जांच में कोई हेराफेरी या कोई गड़बड़ी नहीं हो रही है। यह एक बहुत ही साफ-सुथरी और आसान प्रक्रिया है जिसको हम नियमों के अनुसार कर रहे हैं। अंतिम रिपोर्ट आने में अभी कुछ समय लगेगा। एएआईबी अंतिम रिपोर्ट पर एक बहुत ही पारदर्शी और स्वतंत्र अध्ययन कर रहा है। हम उन पर जल्दबाजी में कोई रिपोर्ट तैयार करने का दबाव नहीं डालना चाहते हैं इसलिए वे इसके लिए जरुरी समय लेंगे।

प्रारंभिक रिपोर्ट जल्दबाजी में की गई है तैयार

एयरलाइन पायलट्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया ने यह आरोप लगाया था कि अहमदाबाद में हुए एयर इंडिया A1-171 विमान हादसे पर एएआईबी की प्रारंभिक रिपोर्ट जल्दबाजी और दबाव में बनाई गई थी। एयर इंडिया की अमृतसर से बर्मिंघम जा रही फ्लाइट AI117 में शनिवार को तकनीकी अलर्ट के बाद रैम एयर टर्बाइन डिप्लॉय हो गया था। यह विमान में तब अपने आप एक्टिव होता है जब बिजली या हाइड्रॉलिक सिस्टम में कोई एमरजेंसी स्थिति आती है। इस पर केंद्रीय मंत्री ने कहा कि जब ऐसी घटनाएं होती हैं तो हम समस्या के मुख्य कारण का पता लगाने की कोशिश करते हैं। एक बार जब हमें मुख्य कारण समझ में आ जाता है तो हम हितधारकों, OEM और जो भी इससे संबंधित कारण है उनसे संपर्क करेंगे। हम इस पर गहराई से अध्ययन कर रहे हैं। डीजीसीए भी समस्या का कारण पता लगाने की कोशिश कर रहा है।

विमान हादसे में मारे गए थे 260 लोग

अहमदाबाद से लंदन जा रहा एयर इंडिया का विमान (AI-171) 12 जून को बीजे मेडिकल कॉलेज से टकराकर दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। इस हादसे में गुजरात के पूर्व सीएम विजय रुपाणी समेत 260 लोग मारे गए थे। सिर्फ एक यात्री ही जिंदा बच पाया था। इसमें मेडिकल कॉलेज के छात्रावास और आस-पास के लोग भी मारे गए थे।  

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