Punjab News: 3 नवंबर को होगा SGPC का जनरल इजलास, राजोआणा मामले की सुनवाई को लेकर दिया बड़ा बयान, देखें वीडियो

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अमृतसरः शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) के अध्यक्ष एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी की अगुवाई में आज एसजीपीसी मुख्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस की गई। इस दौरान कई अहम फैसले लिए गए। उन्होंने बताया कि एसजीपीसी के अगले अध्यक्ष, वरिष्ठ उपाध्यक्ष, कनिष्ठ उपाध्यक्ष, महासचिव और अंतरिम समिति के 11 सदस्यों का चुनाव 3 नवंबर को होगा। इस अवसर पर वरिष्ठ उपाध्यक्ष रघुजीत सिंह विर्क, मुख्य सचिव कुलवंत सिंह मनन, सचिव प्रताप सिंह सहित कई अन्य सदस्य भी उपस्थित रहे। एसजीपीसी ने फैसला किया है कि बाढ़ प्रभावित किसानों के लिए अजनाला, रामदास, गुरदासपुर, डेरा बाबा नानक और सुल्तानपुर लोधी में 5 केंद्र स्थापित करेगी।

10 एकड़ से कम ज़मीन वाले किसानों को मुफ़्त बीज दिए जाएंगे। जिन किसानों की फसलें बर्बाद हुई हैं, वे इन बीज वितरण केंद्रों से संपर्क कर सकते हैं। आज गद्दों और कंबलों से भरे 5 ट्रक भेजे जाएंगे। जम्मू-कश्मीर में हाल की घटनाओं को ध्यान में रखते हुए, एसजीपीसी ने 5 स्वरूप अग्नि भेंट किए। उन्होंने बीएनएस 295 कानून में संशोधन की भी मांग की। साथ ही, असम से शुरू हुए नगर कीर्तन को जल्द ही पंजाब लाया जाएगा। जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल और मुख्यमंत्री से जल्द ही मुलाकात करने का भी ऐलान किया गया। महाराष्ट्र के माटूगां स्थित गुरु नानक खालसा कॉलेज को विश्वविद्यालय में परिवर्तित करने की मंजूरी मिल गई है।

15 नवंबर से 20 नवंबर तक मंजीत सिंह जीके के नेतृत्व में दिल्ली से गुरु के महल तक साइकिल यात्रा निकाली जाएगी। वहीं एसीजीपीसी का दावा है कि सुप्रीम कोर्ट 15 अक्टूबर को पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह की हत्या के दोषी बलवंत सिंह राजोआणा की फांसी की सजा मामले में सुनवाई नहीं करेगा। ये दावा आज शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) की बैठक के बाद हुए प्रधान एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी ने किया है। उनका कहना है कि 15 अक्टूबर को केस लिस्ट नहीं हुआ है और अनुमान है कि इस मामले को आगे शिफ्ट कर दिया जाएगा। इसे देखते हुए SGPC का एक वफद कल, मंगलवार, को बलवंत सिंह राजोआणा को जेल में मिलने पटियाला जेल जाएगा। जिसकी अनुमति उन्हें मिल चुकी है। जिसमें एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी भी मौजूद रहेंगे।

हाल ही में, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) तकनीक का उपयोग करके फर्जी वीडियो बनाकर वायरल किए जा रहे हैं, जिस पर एसजीपीसी ने गंभीर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने सिख चैनलों और संगठनों से ऐसे वीडियो साझा न करने की अपील की है। एसजीपीसी ने एक टास्क फोर्स और तकनीकी विशेषज्ञों की एक टीम के गठन तथा एक डिजिटल डेटा बैंक के निर्माण की घोषणा की। सिख शिष्टाचार का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने का मामला दर्ज किया जाएगा। एडवोकेट धामी ने श्री दरबार साहिब में सोने की बिक्री और सोने की वस्तुएं चढ़ाने के संबंध में झूठे प्रचार को रोकने के लिए स्थिति पर नजर रखने के लिए एक टीम के गठन की भी घोषणा की।

 

 

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