Israel के PM ने की Donald Trump की तारीफ, बोले – ‘विरासत में लिखा जाएगा नाम’

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नई दिल्ली: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को भले ही नोबेल शांति पुरस्कार न मिला हो लेकिन गाजा शांति समझौते को लेकर इजरायल उन्हें सर्वोच्च नागरिक सम्मान के साथ सम्मानित करने वाला है। ट्रंप को प्रेजिडेंशियल मेडल ऑफ ऑनर दिया जाएगा। इसी बीत अब ट्रंप और नेतन्याहू ने इजरायली सांसद में हमास की कैद से रिहा हुए बंधकों और उनके परिवार वालों के साथ भी मुलाकात की। इजरायल की संसद में सभी सांसदों ने खड़े होकर ट्रंप का तालियां बजाकर स्वागत किया। इजरायली संसद के अध्यक्ष अमीर ओहाना ने ट्रंप को यहूदी इतिहास का दिग्गज बताया।

इजरायल की विरासत में लिखा जाएगा ट्रंप का नाम

इजरायल के पीएम बेंजामिन नेतन्याहू ने अपनी सांसदों के संबोधन के दौरान ट्रंप की जमकर तारीफ की। अपने भाषण में उन्होने अमेरिका के राष्ट्रपति का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि – आज का दिन भावनाओं के साथ भरा हुआ है। आपका नाम हमारे राष्ट्र की विरासत में दर्ज किया जाएगा। यह मानवता के इतिहास में पहले ही दर्ज हो चुका है। हमने इस पल का कब से इंतजाम किया है और मै पूरे राष्ट्र की ओर से आपको व्यक्तिगत तौर पर धन्यवाद देना चाहता हूं।

सर्वोच्च पुरस्कार के साथ किया जाएगा सम्मानित

नेतन्याहू ने आगे कहा कि डोनाल्ड ट्रंप व्हाइट हाउस में इजरायल के अब तक के सबसे अच्छे खास दोस्त हैं। इसके बाद पूरे सदन में ट्रंप के नाम के नारे लगाए गए। उनका कहना है कि अभी तक किसी भी अमेरिकी राष्ट्रपति ने इजरायल के लिए इतना कुछ नहीं किया है। इजरायल के प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप को अपने देश के सर्वोच्च पुरस्कार के लिए नामांकित भी किया है।

मैं शांति के लिए प्रतिबद्ध हूं

आगे पीएम ने कहा कि – ‘हमने इस युद्ध के लिए बहुत बड़ी कीमत चुकाई है लेकिन अब हमारे दुश्मन समझ चुके हैं कि इजरायल कितना मजबूत और दृढ़ है’। उन्होंने सभी बंधकों को घर वापिस लाने का वादा किया था और ऐसा कर भी दिया है। मैं शांति के लिए प्रतिबद्ध हूं। ट्रंप का जिक्र करते हुए नेतन्याहू ने कहा कि – ‘दो महीने पहले आपने गाजा शहर में हमास के आखिरी गढ़ में आईडीएफ भेजने के मेरे फैसला का पूरी तरह से साथ दिया था। आप मेरे इस विचार के साथ सहमत थे कि इस सैन्य दबाव से बंधकों को छुड़ाने में भी मदद मिलेगी। हमें पता है कि सभी आलोचनाओं और विरोधों के बाद भी हम सहीं थे’।  

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