5 दिन पहले खरीदी बस बनी आग का गोला, 20 की मौत, राष्ट्रपति और PM Modi ने जताया दुख, देखें वीडियो

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जिंदा जले जोधपुर के महेंद्र और उनका परिवार

जैसलमेरः राजस्थान के जैसलमेर-जोधपुर हाईवे पर एसी स्लीपर बस में आग लग गई थी। हादसे में 20 यात्रियों की जिंदा जलने से मौत हो गई। हादसा इतना भीषण था कि शव बस की बॉडी पर चिपक गए। कुछ लोग जलकर कोयले जैसे हो गए। इस दुखद हादसे प्रदेश को हिलाकर रख दिया है। सूत्रों के अनुसार, हादसे वाली बस को जोधपुर के इक्कू नाम के व्यक्ति ने सिर्फ 5 दिन पहले ही खरीदा था और इसे रूट पर चलाया गया था। 5 दिन पहले खरीदी गई यह नई बस मंगलवार को जैसलमेर-जोधपुर हाईवे पर आग के गोले में तब्दील हो गई और 20 निर्दोषों की जान ले ली। यह दर्दनाक हादसा तब हुआ जब के के ट्रेवल्स की एसी स्लीपर बस में शॉर्ट सर्किट से आग लग गई। शुरुआती जांच में पता चला है कि यह बस मूल रूप से नॉन-एसी थी, जिसे स्थानीय स्तर पर अवैध रूप से मॉडिफाई कर एसी स्लीपर में बदला गया था। बिना किसी तकनीकी स्वीकृति और सुरक्षा मानकों के लगाए गए जुगाड़ एसी सिस्टम की वायरिंग में हुई गड़बड़ी ही आग का मुख्य कारण बनी। वहीं इस घटना के बाद सूबे की सीएम भजनलाल शर्मा भी खुद जैसलमेर पहुंचे हैं। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा बस आगजनी घटनास्थल पर पहुंचे गए हैं। उन्होंने पोकरण विधायक महन्त प्रताप पुरी, जैसलमेर जिला कलेक्टर प्रतापसिंह नाथावत, पुलिस अधीक्षक अभिषेक शिवहरे सहित तमाम जिले के अधिकारियों से घटना का फीडबैक लिया है। इधर पीएम मोदी और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने हादसे पर तुख जताया है। जैसलमेर बस हादसे में प्रधानमंत्री राहत कोष से मृतकों के परिवार को 2 लाख रुपए और घायलों को 50 हजार की आर्थिक सहायता की घोषणा की है। पीएम नरेंद्र मोदी ने X पर पोस्ट की है, जिसमें लिखा- राजस्थान के जैसलमेर में हुई दुर्घटना से हुई जान-माल की हानि से मन व्यथित है। जोधपुर जिले के बालेसर क्षेत्र का एक पूरा परिवार खत्म हो गया। इस घटना में महेंद्र मेघवाल, उनकी पत्नी, दो बेटियां और एक बेटा जिंदा जल गए। महेंद्र मूल रूप से बालेसर के लावारान शेतरावा के निवासी थे और सेना के गोला बारूद डिपो में पोस्टेड होने के कारण जैसलमेर की इंद्रा कॉलोनी में किराए पर रहते थे। महेंद्र मेघवाल अपने परिवार के साथ जैसलमेर से जोधपुर आ रहे थे, तभी यह हादसा हुआ। हादसे की खबर जैसे ही जोधपुर और जैसलमेर में पहुंची। हादसे के बाद गंभीर रूप से झुलसे 15 यात्रियों का इलाज जोधपुर के महात्मा गांधी अस्पताल (MGH) और MDM अस्पताल में चल रहा है। इनमें से अधिकतर यात्री 70 प्रतिशत तक झुलस गए थे। इन घायलों को जैसलमेर से जोधपुर तक लगभग 275 किमी लंबे ग्रीन कॉरिडोर बनाकर लाया गया ताकि उन्हें बिना किसी ट्रैफिक बाधा के जल्द से जल्द विशेषज्ञ चिकित्सा सहायता मिल सके। घायलों में एक कपल भी है, जो प्री-वेडिंग शूट कराकर जोधपुर लौट रहा था। दुर्भाग्यवश, जैसलमेर से जोधपुर लाते समय एक बुजुर्ग यात्री ने रास्ते में ही दम तोड़ दिया, जिससे मृतकों की संख्या 20 हो गई। जोधपुर के अस्पताल में डॉक्टरों की कई टीमें घायलों के इलाज में जुटी हैं।

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