GST 2.0 के बाद इन चीजों की बढ़ी डिमांड, वित्त मंत्री Nirmala Sitharaman ने पेश की रिपोर्ट

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नई दिल्ली: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने दीवाली के मौके पर जीएसटी 2.0 के अंतर्गत हुए सुधारों का फायदा आम नागरिकों तक पहुंचने का आंकड़ा पेश किया। उन्होंने कहा कि हाल ही में जीएसटी दरों में हुई कटौती के चलते कर लाभ उपभोक्ताओं को हुआ है। इस दौरान उन्होंने वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव के साथ प्रेस क्रॉन्फ्रेंस की। वित्त मंत्री ने कहा कि इन सुधारों से वाहनों और इलेक्ट्रोनिक्स की बिक्री में भी भारी बढ़ोतरी हुई है। सीतारमण ने कहा कि सरकार ने 54 रोज इस्तेमाल होने वाली चीजों पर करीबी निगरानी रखी और पाया कि इन सभी वस्तुओं में जीएसटी सुधारों के कारण लाभ उपभोक्ताओं तक पहुंचा है। पीएम का दीवाली तोहफा सफलतापूर्वक आम जनता तक पहुंच गया है। कुछ मामलों में व्यवसायों ने अपेक्षित से ज्यादा कर लाभ भी उपभोक्ताओं को दिए हैं।

इलेक्ट्रोनिक्स और वाहनों की बढ़ी डिमांड

टैक्स दरों में कटौती होने से आम जनता के हाथ में अब ज्यादा पैसा आया है। ऐसे में वाहनों की बिक्री में भी डिमांड बढ़ी है। तीन पहिया वाहनों की डिपैच में 5.5% सालान बढ़ोतरी हुई है। दोपहिया वाहनों की बिक्री में 21.6 लाख यूनिट तक पहुंच गई है। सिर्फ सितंबर में ही पैसेंजर वाहनों की डिपैच 3.72 लाख तक रही है। वित्त मंत्री ने बताया कि हीरो मोटर्स ने सितंबर में अपनी अब तक की सबसे ज्यादा मासिक बढ़ोतरी दर्ज की है। एयर कंडीशनर की बिक्री जीएसटी सुधारनों के पहले दिन ही दोगुनी हो गई। वहीं टीवी की बिक्री में 30-35% की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

इलेक्ट्रोनिक्स बिक्री में भी हुई बढ़ोतरी

वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने बताया कि नवरात्रि के दौरान वाहन बिक्री में भी काफी उछाल देखा गया। पहले आठ दिनों में मारुति सुजुकी ने 1.65 लाख कारें बेची। महिंद्रा की बिक्री में 60% की वृद्धि हुई है वहीं टाटा ने 50,000 से ज्यादा वाहन बेचे हैं। उनका कहना है कि इलेक्ट्रोनिक्स क्षेत्र में सभी रिकॉर्ड टूट गए हैं। सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने यह अनुमान लगाया है कि इस साल इलेक्ट्रोनिक्स की खपत में 20 लाख रुपये का ज्यादा इजाफा होगा। उन्होंने यह भी बताया कि इलेक्ट्रोनिक्स की बिक्री में 25% वृद्धि हुई है। इसके साथ ही जीएसटी सुधारों में खाद्य वस्तुओं की कीमतों में कमी आया है जिससे निर्माण उद्योग को सीधा फायदा हो रहा है। गोयल ने आगे यह कहा कि यह सुधार स्वतंत्रता के बाद की सबसे बड़ी आर्थिक पहल बना है। वैश्विक अस्थिरता के बाद भी भारत की वृद्धि दर इतना मजबूत हो रहा है कि आईएमएफ को भी अपने अनुमानित वृद्धि दर को 6.6% तक बढ़ाना पड़ा है।

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