दिवाली की दूषित हवा से बचाएंगे ये घरेलू आयुर्वेदिक उपाय, फेफड़ें भी रहेंगे स्वस्थ

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हेल्थः दिवाली पर पटाखों से हर तरफ हवा दूषित हो चुकी है। ऐसे में जहरीली हवा में बच्चों से लेकर बुजुर्गों को सांस लेने में काफी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे समय में इन्हें अपनी सेहत का खास ध्यान रखना चाहिए। अगर दिवाली के बाद आपको भी सांस लेने में तकलीफ हो रही हैं तो आपको अपने फेफड़ों की सफाई करने की जरूर है। कुछ घरेलू आयुर्वेदिक उपाय आपके फेफड़ों को साफ और स्वस्थ रखेंगे।

अदरक-नींबू चाय: अदरक और नींबू से बनी यह चाय शरीर से टॉक्सिन्स निकालने में मदद करती है। नींबू में विटामिन C और अदरक में एंटीऑक्सीडेंट्स पाए जाते हैं जो फेफड़ों को मजबूत बनाने और इंफेक्शन से लड़ने में मदद करते हैं। सुबह खाली पेट इस ड्रिंक को पीना सबसे ज्यादा फायदेमंद माना जात है।

गाजर-चुकंदर का जूसः गाजर और चुकंदर दोनों ही हार्ट हेल्थ और स्किन के लिए बहुत फायदेमंद माने जाते हैं। मगर इन दोनों का जूस पीने से ब्लड सर्कुलेशन भी बेहतर बनता है और थकान कम होती है। गाजर और चुकंदर के जूस में विटामिन A और C होते हैं, जो फेफड़ों और शरीर के अन्य अंगों की सेहत के लिए फायदेमंद हैं।

नींबू-शहद पानीः नींबू और शहद मिलाकर पानी सिर्फ वेट लॉस में कारगार नहीं है, बल्कि इस पानी को पीने से हमारे शरीर की अच्छे से सफाई होती है और सारे टॉक्सिन बॉडी से बाहर निकल जाते हैं। नींबू-शहद वाला पानी पीने से हमारी स्किन में भी निखार आ जाता है, जो दिवाली की भागदौड़ में मुरछा जाती है। यह ड्रिंक शरीर को डिटॉक्स करने के साथ-साथ विटामिन C के जरिए इम्यूनिटी भी बढ़ाने का काम करती है।

मुलेठी की चाय: मुलेठी की चाय गले की खराश को कम करती है और श्वसन तंत्र को आराम देती है। यह नेचुरली फेफड़ों की सुरक्षा करती है और खांसी या सांस लेने में परेशानी होने पर आराम देती है। मुलेठी में एंटीऑक्सीडेंट, एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटी-माइक्रोबियल गुण शामिल होते हैं, जिसकी वजह से खांसी के साथ ही डाइजेशन के लिए बहुत अच्छी होती है।

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