भारत की बढ़ती तरक्की देख भड़का पाकिस्तान, PAK जनरल ने दिया विवादित बयान

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नई दिल्ली: भारत और पाकिस्तान मे दशकों से चल रहे तनाव का कारण सीमा विवाद नहीं बल्कि आतंकवाद है। भारत बार-बार यह दोहरा भी चुका है कि जब तक पाकिस्तान अपनी जमीन से आतंकवादी संगठनों को पनाह देता रहेगा तब तक उसके साथ किसी भी तरह के सामान्य संबंध नहीं हो पाएंगे। मई 2025 में भारतीय सेना की ओर से ऑपरेशन सिंदूर चलाया गया था वो भी इसी नीति का मिसाल था। यह कार्रवाई पहलगाम के धार्मिक स्थानों पर हुए आतंकी हमले के जवाब में हुई थी। भारत ने इस ऑपरेशन सिंदूर के जरिए यह साफ संदेश दे दिया था कि आंतकवाद के खिलाफ उसकी नीति जीरो टॉलरेंस पर आधारित है। पाकिस्तान ने हमेशा की तरह यह कदम राजनीतिक कदम बताने की कोशिश की लेकिन उसी समय उसके नेता आतंकवादियों के अंतिम संस्कारों में शामिल होते हुए दिखे। इससे उसका दोहरा रवैया भी उजागर हुआ है।

झगड़ा सुलझाने के लिए तीसरे देश की जरुरत

अब हाल ही में इस्लामाबाद में हुए एक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में पाकिस्तान के जनरल साहिर शमशाद मिर्जा ने एक बयान दिया है। उन्होंने कहा कि भारत और पाकिस्तान को विवादों को सुलझाने के लिए किसी तीसरे देश या अंतरराष्ट्रीय संस्था की मध्यस्थता की जरुरत है। यह बयान पाकिस्तान की उसी पुरानी सोच को दर्शाता है जिसमें हर मसले पर बाहरी ताकतों से सहारा लेने की मानसिकता नजर आती है। भारत ने इस पर साफ कह दिया है कि भारत और पाकिस्तान के सभी मुद्दे द्विपक्षीय हैं और किसी तीसरी पक्ष की इसमें कोई भी भूमिका नहीं है। भारत का यह रुख 1972 के शिमला समझौते और 1999 के लाहौर घोषणापत्र पर आधारित है। जहां दोनों देशों ने आपसी संवाद के जरिए विवाद सुलझाने का वादा किया था।

भारत संयुक्त राष्ट्र प्रस्तावों को करता है अनदेखा

जनरल मिर्जा ने अपने भाषण में भारत को साम्राज्यवादी और प्रभुत्व वादी देश कह दिया है। इसी बीच उन्होंने यह स्वीकार भी किया है कि भारत आज दुनिया की एक महत्वपूर्ण वैश्विक शक्ति है। उन्होंने आरोप लगाया है कि भारत संयुक्त राष्ट्र प्रस्तावों को अनदेखा करता है और मानवाधिकारों का उल्लंघन करता है। उनके इस बयान से पाकिस्तान की कूटनीतिक निराशा और हीन भावना दर्शाती है। भारत को टोर्जन हॉर्स कहने वाला पाकिस्तान यह भूल गया है कि उसकी अपनी पहचान अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ही एक आतंकवाद समर्थक देश के तौर पर बन चुकी है।

पाकिस्तान की बढ़ी चिंता

अब के समय में भारत न सिर्फ एशिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है बल्कि G-20, ब्रिक्स औऱ संयुक्त राष्ट्र जैसे मंचों पर भी सक्रिय भूमिका निभा रहा है। भारत को अब एक वैश्विक नीति-निर्माता के तौर पर देखा जाता है जो कई ग्लोबल हितों की पहचान भी बन गया है। ऐसे में पाकिस्तान को यह चिंता है कि भारत अब सिर्फ दक्षिण एशिया तक ही सीमित नहीं रहा है बल्कि ऐसा देश बन चुका है जिसकी बात पूरी दुनिया सुनती है इसी वजह से वह बार-बार तीसरे पक्ष का मुद्दा उठाकर अंतरराष्ट्रीय सहानुभूति लेने की कोशिश कर रहा है।

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