पाकिस्तान में हुए विस्फोट में 8 आतंकियों की मौत

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खैबर पख्तूनख्वाः पाकिस्तान में लगातार हमले होने की घटनाएं सामने आ रही है। वहीं अब खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में धमाका होने की घटना सामने आई है। अज्ञात हमलावरों ने शुक्रवार को दक्षिणी वजीरिस्तान की सीमा से लगे टैंक जिले में एक नवनिर्मित सरकारी बालिका प्राथमिक विद्यालय में विस्फोट कर दिया। पुलिस ने बताया कि यह घटना सियाल गुल कोरोना के गारा बुद्धा गांव में हुई। गनीमत रही कि विस्फोट के समय इमारत खाली थी, जिस कारण किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। जहां शुक्रवार को इंटेलीजेस बेस्ड ऑपरेशन को दौरान 8 टीटीपी आतंकवादी मारे गए और 5 घायल हो गए हैं। यह अभियान लक्की मरवत जिले के वांडा शेख अल्लाह इलाके में चलाया गया।

पुलिस ने बताया कि इस अभियान में प्रतिबंधित तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान के 8 आतंकवादी मारे गए और 5 अन्य घायल हो गए। सुरक्षा अधिकारियों को शक है कि इस क्षेत्र में शिक्षा और साक्षरता, खासकर लड़कियों की शिक्षा, के विकास में बाधा डालने के इरादे से उग्रवादियों ने हमले को अंजाम दिया। अभी तक किसी भी समूह ने स्कूल बम विस्फोट की जिम्मेदारी नहीं ली है। हालांकि, टैंक जिले में सक्रिय टीटीपी के अलग-अलग समूह लड़कियों की शिक्षा के खिलाफ हैं और आमतौर पर उनके स्कूलों को निशाना बनाते हैं।

लोकल एनजीओ द्वारा इकट्ठा किए गए आंकड़ों के अनुसार, पिछले एक दशक में इस प्रांत में ऐसे हमलों में 450 से ज्यादा स्कूल नष्ट हो चुके हैं, जिससे छात्रों को या तो पढ़ाई छोड़नी पड़ी है या फिर उन्हें खंडहर हो चुकी इमारतों या मलबे के पास पढ़ने को मजबूर होना पड़ा है। पाकिस्तान में 2019 तक लड़कियों के स्कूलों पर कई हमले हुए, खासकर स्वात घाटी और टीटीपी के नियंत्रण वाले पूर्व कबायली इलाकों में। 2012 में, उग्रवादियों ने नोबेल पुरस्कार विजेता मलाला यूसुफजई पर हमला किया, जो लड़कियों की शिक्षा की पैरोकार थीं।

पाकिस्तान में हाल ही में, मुख्य रूप से अफगानिस्तान की सीमा से लगे प्रांतों में, आतंकवादी गतिविधियों में वृद्धि देखी गई है। आतंकवाद निरोधी विभाग (CTD) की वीरवार को प्रकाशित एक रिपोर्ट के अनुसार, इस साल खैबर पख्तूनख्वा में अब तक आतंकवाद के कारण 298 लोगों की मौत हो चुकी है। रिपोर्ट में कहा गया है कि 22 अक्टूबर तक, प्रांत भर में अलग-अलग आतंकवादी घटनाओं में 117 पुलिसकर्मी और 181 नागरिक मारे गए, जिससे मरने वालों की कुल संख्या 298 हो गई, जबकि 486 अन्य घायल हुए। आंकड़ों के अनुसार, खैबर पख्तूनख्वा में 2,366 खुफिया-आधारित अभियान चलाए गए।

जिनमें 1,124 आतंकवादियों को गिरफ्तार किया गया और 368 आतंकवादियों को मार गिराया गया। रिपोर्ट में कहा गया है कि साल के दौरान आतंकवाद से संबंधित विभिन्न मामलों में 6,181 संदिग्धों पर आरोप लगाए गए। जबरन वसूली करने वाले गिरोहों के खिलाफ कार्रवाई भी तेज कर दी गई है। इस साल अब तक 1,287 मामले दर्ज किए गए हैं और 209 संदिग्धों पर आरोप लगाए गए हैं, जबकि अभियानों के दौरान 52 अन्य को गिरफ्तार किया गया है।

 

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