भारत के पहले Power Slap चैंपियन बने जुझार सिंह, Russian Player को दी मात, देखें वीडियो

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नई दिल्ली: रोपड़ जिले के चमकौर साहिब के जुझार सिंह आबू धाबी में हुए पावर स्लैप कंपीटिशन के पहले सिख चैंपियन बन चुके हैं। यह कंपीटिशन 24 अक्टूबर को हुआ था। इसमें उन्होंने थप्पड़ मारकर अपने कंपीटिटर एंटली ग्लूशका को हरा दिया है। इस कंपीटिशन का वडियो जुझार सिंह ने अपने फेसबुक पेज पर भी शेयर किया है। इस वीडियो में जुझार सिंह नाचते हुए दिख रहे हैं। जीत के बाद वह कहते हुए नजर आ रहे हैं कि – ‘आई एम विनर। वाहेगुरु जा का खालसा, वाहेगुरु जी की फतेह आज मेरा सपना पूरा हुआ। पावर स्लैप कंपीटिशन जीता है आज मैं चैंपियन बना हूं सबका धन्यवाद’।

एक थप्पड़ ने बनाया जूझार को चैंपियन

दुबई में हुए इस कंपीटिशन में जुझार ने अपने रशियन कंपीटिटर को तीसरे राउंड में हरा दिया। उन्होंने एक थप्पड़ मारकर जीत अपने नाम कर ली। इससे पहले जुझार और ग्लूशका में टॉस हुआ। टॉस ग्लूशका ने जीता और पहला थप्पड़ जुझार को पड़ा। इसमें जुझार एक स्टैप पीछे हट गया। इसके बाद जुझार ने ग्लूशका को थप्पड़ मारा लेकिन ग्लूशका इस दौरान हिला नहीं। पहले राउंड में जुझार को 9 तो ग्लूशका को 10 नंबर मिले। दूसरे राउंड में ग्लूशका के थप्पड़ पर जुझार की आंख में चोट लग गई और ग्लूशका का थप्पड़ फाउल गिना गया। इसके बाद तीसरे राउंड में ग्लूशका ने जुझार को थप्पड़ मारा लेकिन जुझार हिला नहीं जिसके कारण उन्हें 10 नंबर मिले। तीसरे राउंड के अंतिम थप्पड़ में जूझार के थप्पड़ ने ग्लूशका को पूरी तरह से हिला दिया। इससे जुझार को कुल 29 और ग्लूशका को 27 नंबर मिले।

आंख में चोट आने के बाद भी नहीं मानी हार

दूसरे राउंड में ग्लूशका के थप्पड़ के कारण जुझार की आंख में चोट आ गई। इस पर जुझार के कोच ने रुमाल से उसकी आंख पर गर्म टकोर की। कोच ने कहा कि कोई बात नहीं तुम पंजाबी हो। इस पर जुझार ने मूंछों पर हाथ घुमाते हुए कहा कि – दस्ता में तैनू । इस दौरान जैसे ही जुझार की जीत घोषित हुई तो रेफरी ने उनका हाथ उठाया। इसके बाद वह स्टेज पर ही भंगड़ा के स्टैप करने लग गए। एक बार फिर से अपनी मूंछो को ऊपर उठाते हुए कहा कि – पंजाबी आ गए ओए। इसके बाद उन्होंने सिद्धू मूसेवाला के स्टाइल में पट्ट पर थापी भी मारी।

पिता भी रह चुके हैं कबड्डी गेम के प्लेयर

एक इंटरव्यू के दौरान जुझार सिंह ने बताया कि उनकी फैमिली की आर्थिक हालत ठीक नहीं थी। इसके बाद भी उनके माता-पिता ने उन्हें कोई कमी महसूस नहीं होने दी। उनके पिता भी कबड्डी की गेम से जुड़े रहे हैं। उनका सपना था कि मैं भी गेम से जुड़ूं इसलिए पहले मिक्स मार्शल आर्ट करना शुरु किया। 2017 में उन्होंने मिक्स मार्शल आर्ट में हिस्सा लिया। उनके पिता ने कहा कि अभी तैयारी कम है परंतु उनकी मां से हौसला दिया कि गेम खेलो। इस गेम में भी वह 2017 में वर्ल्ड चैंपियन रहे।  

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