2 स्कूलों में अजगर और सांप निकलने से मचा हड़कंप, हेड कांस्टेबल ने दिखाई बहादुरी, बचाई जान, देखें वीडियो

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पंचकूलाः हरियाणा के पंचकूला में हेड कांस्टेबल ने 2 दिन में अलग-अलग स्कूलों से सांप पकड़ बच्चों की जान बचाई। दरअसल, जब से हरियाणा के ओपी सिंह ने डीजीपी पद ज्वाइन किया है, तब से हरियाणा पुलिस एक नए उमंग और स्फूर्ति से काम करती नजर आ रही है। ऐसा की वाक्या देखने को मिला हरियाणा के पंचकूला से जहां से हरियाणा की एक हेड कांस्टेबल ने स्कूलों के बच्चों की जान जोखिम से निकाली। हेड कांस्टेबल लवकेश कुमारी आज कल स्टेट क्राइम ब्रांच में अपनी ड्यूटी निभा रही है।

लवकेश कुमारी ने बताया कि पहले मामले में नांगल गांव मोगीनंद में एक स्कूल में क्लासरूम में अजगर निकलने की सूचना मिली। जिसके बाद स्कूल में हड़कंप मच गया। और बहादुरी से हेड कांस्टेबल ने किताबों और स्कूल बैग के बीच छुपा हुआ था। जिसको बहुत मशक्कत के बाद हेड कांस्टेबल लवकेश कुमारी ने उस अजगर ने एक डिब्बे में डालकर सुरक्षित मोरनी के जंगलों में छोड़ा। लवकेश कुमारी ने बताया कि यह अजगर 5 से 6 फुट का था और यह जकड़ कर मार देता है। हेड कांस्टेबल ने समय पर पहुंचकर बच्चों की जान बचाई।

दूसरा मामला सेक्टर 20 के सरकारी से आया जहां एक सांप मिलने की सूचना मिली। जो एक सांप बच्चों के झूलो पर बच्चों ने देखा और अध्यापिका को बताया तभी वहां की अध्यापिका ने लवकेश कुमारी को स्कूल में बुलाया और लवकेश कुमारी ने स्कूल के झूलो से सुरक्षित उस सांप को प्लास्टिक के टिब्बा में डालकर मोरनी के जंगलों में छोड़ा। लवकेश कुमारी ने बताया कि इस सांप का नाम रस्लवाईपर था। ये सांप सबसे खतरनाक और विषैला होता है। भारत में पाए जाने वालों में से एक खतरनाक सांप होता है। इसके जहर का असर बहुत जल्दी होता है। काटने के बाद किडनी और हर्ट को जायदा नुकसान पहुंचाता है। जिस जगह काटता है, वहीं से जहर फैल जाता है। 20 मिनट्स के अंदर व्यक्ति की मौत हो जाती है। काटने के बाद व्यक्ति का खून जमा देता है। जिस जगह काटता है, उस जगह को ही काटना पड़ता है।

इस हेड कांस्टेबल की तारीफ आज कल स्कूल के कई व्हाट्सएप ग्रुप में चल रही है। और काफी टीचरों के स्कूल के बच्चों की रोल मॉडल बनती जा रही है हेड कांस्टेबल लवकेश कुमारी। हेड कांस्टेबल लवकेश कुमारी के साथ उनके पति परवीन कुमार जो पंचकूला कोर्ट में कार्यरत है। वो भी उनका साथ देते है। दोनों ने बताया कि करीब 2 सालों में करीब 600 से 700 सांपों को रेस्क्यू करके सुरक्षित। गगर नदी और मोरनी के जंगलों में छोड़ा है। दोनों पुलिस की नौकरी के साथ साथ ये बिल्कुल फ्री सेवा कर रहे है।

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