Diabetes में क्यों लगती है बार-बार प्यास, जानिए Expert की राय

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हेल्थः डायबिटीज आज दुनिया की सबसे आम बीमारियों में से एक बन चुकी है। क्योंकि हर उम्र के लोग इस बीमारी से प्रभावित हैं। एक्सपर्ट के मुताबिक डायबिटीज सिर्फ ब्लड शुगर बढ़ने की बीमारी नहीं है, बल्कि यह शरीर के कई हिस्सों को धीरे-धीरे प्रभावित करती है।अक्सर मरीजों की शिकायत होती है कि उन्हें बहुत बार पेशाब आता है और बार-बार प्यास लगती है।

जब किसी व्यक्ति को डायबिटीज होती है तो उसके शरीर में इंसुलिन नामक हार्मोन सही मात्रा में नहीं बनता या काम नहीं करता। इंसुलिन का काम होता है खाने से मिलने वाले शुगर को शरीर की कोशिकाओं तक पहुंचाना ताकि उसे ऊर्जा में बदला जा सके, जब इंसुलिन की कमी होती है तो ग्लूकोज खून में जमा होने लगता है। इस बढ़े हुए शुगर लेवल को कम करने के लिए शरीर उसे पेशाब के रास्ते बाहर निकालने की कोशिश करता है।

बार-बार पेशाब आने का कारण
जब खून में शुगर की मात्रा बहुत बढ़ जाती है, तो किडनी को ज़्यादा मेहनत करनी पड़ती है ताकि वह अतिरिक्त शुगर को फ़िल्टर करके पेशाब के जरिए बाहर निकाल सके। इसके चलते पेशाब की मात्रा और बार-बार पेशाब आने की आवृत्ति दोनों बढ़ जाती हैं। इसे पॉलीयूरिया (Polyuria) कहा जाता है, यानी ज़्यादा बार और ज़्यादा मात्रा में पेशाब आना।

बार-बार प्यास लगने का कारण
जब शरीर से पेशाब के जरिए पानी बार-बार बाहर निकलता है, तो शरीर में डिहाइड्रेशन (पानी की कमी) होने लगती है। इस वजह से मरीज को बार-बार प्यास लगती है ताकि शरीर में पानी की कमी पूरी की जा सके। इसे पॉलीडिप्सिया (Polydipsia) कहा जाता है यानी लगातार प्यास लगना।

कब सतर्क होना चाहिए?
– बार-बार पेशाब आना, खासकर रात में
– बहुत ज़्यादा प्यास लगना
– बिना वजह वजन घटना
– थकान या कमजोरी महसूस होना
– धुंधला दिखाई देना

क्या करें और क्या न करें
– नियमित ब्लड शुगर जांच करवाएं, इससे बीमारी पर नियंत्रण बना रहता है
– डाइट पर ध्यान दें, कम शुगर, ज्यादा फाइबर और संतुलित आहार लें
– पर्याप्त पानी पिएं, लेकिन अत्यधिक नहीं
– डॉक्टर द्वारा बताई गई दवाइयां या इंसुलिन नियमित रूप से लें
– व्यायाम करें, रोज़ाना 30 मिनट की वॉक बहुत मददगार होती है।

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