Donald Trump ने भारत की इन कंपनियों पर लगाया प्रतिबंध, इस वजह से उठाया कदम

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नई दिल्ली: अमेरिका ने एक बार फिर से वैश्विक व्यापार जगत को झटका दे दिया है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के निर्देश पर वॉशिंगटन ने भारत के साथ-साथ छह देश की कंपनियों और व्यक्तियों पर प्रतिबंध लगा दिया है। इस बार ट्रंप ने भारत को रुसी तेल नहीं बल्कि ईरान के चलते निशाना बना दिया है। अमेरिका के विदेश मंत्रालय के अनुसार, ये संस्थाएं इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स को तकनीकी और वित्तीय मदद दे रहे थी। अमेरिका ने बुधवार को भारते का साथ-साथ छह देशों में स्थित 32 कंपनियों और व्यक्तियों पर प्रतिबंध लगाने की घोषणा कर दी है। इस बार यह कार्रवाई रुसी तेल व्यापार से जुड़ी नहीं बल्कि यह आरोप है कि इन संस्थाओं ने ईरान के बैलिस्टिक मिसाइल और ड्रोन उत्पादन कार्यक्रम में सहायता की है।

अमेरिका के विदेश मंत्रालय ने जारी किया बयान

अमेरिका के विदेश मंत्रालय ने एक बयान जारी किया है। इस बयान में उन्होंने कहा कि यह कदम इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कार्प्स से जुड़े नेटवर्क को रोकने के लिए उठाया गया है। यह ईरान की मिसाइल और मानव रहित हवाई वाहन परियोजनाओं के लिए सामग्री और उपकरण जुटाने में शामिल हैं। प्रतिबंधित देशों में भारत, चीन, हांगकांग, संयुक्त अमीरात और तुर्की शामिल है हालांकि अमेरिका ने कंपनियों या व्यक्तियों के नाम सार्वजनिक नहीं किए हैं परंतु यह साफ कर दिया है कि ये सारी संस्थाएं ईरान के रक्षा ढांचे को तकनीकी और वित्तीय सहायता दे रहा था। यह कार्रवाई ईरान के हथियार विकास कार्यक्रमों का मुकाबला करने के लिए ऱाष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के द्वारा शुरु की गई मेक्सिमम प्रेशर नीति का हिस्सा है। अमेरिका के वित्त मंत्रालय के अनुसार, आतंकवाद और वित्तीय खुफिया सचिव ने कहा कि ईरान विश्व भर की वित्तीय प्रणालियों का गलत इस्तेमाल करके धनशोधन और हथियार निर्माण के पूर्जे खरीदता है। राष्ट्रपति ट्रंप के निर्देश पर हम ईरान पर उसके परमाणु खतरे को खत्म करने के लिए ज्यादा दबाव बना रहे हैं। अमेरिका ने पिछले महीने भी कई देशों की कंपनियों पर ऐसे ही प्रतिबंध लगाए हैं। एक्सपर्ट्स के अनुसार, लगातार बढ़ रही अमेरिकी कार्रवाई से भारत के साथ-साथ एशियाई देशों की कुछ तकनीकी और व्यापारिक कंपनियों पर अंतरराष्ट्रीय दबाव बढ़ जाएगा।

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