Jalandhar-Ludhiana बस स्टैंड पर कर्मियों का चक्का जाम, यात्री हुए परेशान देखें Live

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जालंधर/लुधियाना: पंजाब में किलोमीटर स्कीम को लेकर एक बार फिर से बस कर्मियों ने प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। ऐसे में आज फिर से बस कर्मी चक्का जाम कर दिया है। हालांकि कर्मियों द्वारा की गई हड़ताल में कुछ ढील दी गई है। कर्मी का कहना हैकि डिप्पों में जो बसें खड़ी हैं अभी उन्हें बाहर नहीं निकाला गया गया है, जबकि जो बसे सड़कों पर पहले से उतर चुकी है, वहीं बसे चल रही है। ऐसे में यात्रियों को खासी परेशानी का सामना नहीं करना पड़ रहा है। कर्मियों की अधिकारियों के साथ मीटिंग चल रही है। जालंधर में पंजाब रोडवेज के कर्मचारियों ने 15 मिनट का प्रशासन को अल्टीमेटम दिया है।

जालंधर के कर्मचारी बोले कि 15 मिनट तक सरकार ने पीआरटीसी बसों का टेंडर रद्द नहीं किया तो कर्मियों द्वारा हड़ताल करके बसों का चक्का जाम किया जाएगा। ऐसे में मीटिंग खत्म होने के बाद अगले फैसले का कर्मी इंतजार कर रहे है। जबकि लुधियाना बस स्टैंड पर सन्नाटा पसरा हुआ है। लुधियाना बस स्टैंड पर प्राइवेट बस चल रही है। ऐसे में सरकारी बसों को दोपहर 12 बजे रोक दी गई है। ऐसे में बस स्टैंड पर बसें कर्मियों द्वारा खड़ी कर दी गई है। लुधियाना में बस कर्मियों का भी यही कहना है कि उनके सीनियर की अधिकारियों के साथ मीटिंग चल रही है। ऐसे में मीटिंग के बाद सीनियर अधिकारियों के आदेशों के बाद ही चक्का जाम करने को लेकर फैसला किया जाएगा। कर्मियों का कहना है कि अगर आज मीटिंग में कोई फैसला नहीं निकलता तो अनिश्चित काल के लिए चक्का जाम किया जा सकता है।

दरअसल, बसें लगाने के किलोमीटर स्कीम योजना के लिए टेंडर खोलने के विरोध में पंजाब रोडवेज, पनबस, पीआरटीसी कांट्रैक्ट वर्कर्स यूनियन पंजाब के कर्मियों ने आज दोपहर 12 बजे से सरकारी बसों का चक्का जाम करने का ऐलान किया था। यूनियन नेताओं के अनुसार प्रबंधन 17 नवंबर को प्राइवेट बसें अर्थात किलोमीटर स्कीम की बसें लगाने के लिए टेंडर खोलने का प्रयास करेंगे, जिसका संगठन द्वारा कड़ा विरोध किया जाएगा और धरने-प्रदर्शन किये जाएंगे।

उन्होंने कहा कि इस बार की कार्रवाई आर-पार वाली होगी और मांगें ना माने जाने पर सख्त मोर्चा खोला जाएगा। संगठन के अनुसार 7 हजार से अधिक कर्मचारी रोष प्रदर्शन करेंगे और अगर टेंडर खोले गए तो जगह-जगह धरने व प्रदर्शन किये जाएंगे। यदि इन कर्मचारियों की हड़ताल होती है तो इस दौरान आम लोगों को फिर से भारी असुविधा का सामना करना पड़ेगा और पंजाब रोडवेज व पीआरटीसी संस्थाओं को आर्थिक घाटे का भी सामना करना पड़ेगा।

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