Double Decker Bus पलटने से 3 की मौत, 15 लोग घायल

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कानपुरः उत्तर प्रदेश में कानपुर जिले के बिल्हौर इलाके में आज सुबह भीषण सड़क हादसा हो गया। दरअसल, अल सुबह आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर दिल्ली से बिहार जा रही एक डबल डेकर बस अनियंत्रित होकर पलटी गई। हादसे में 7 वर्षीय बच्चे समेत तीन लोगों की मौत हो गई। वहीं 15 अन्य घायल हो गए। हादसा इतना भयावह था कि बस के परखच्चे उड़ गए और अंदर बैठे कई यात्री फंस गए। मंगलवार को भोर के समय लगभग 4 बजे यह हादसा अरौल थाना क्षेत्र में उस समय हुआ, जब बस आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे के एक मोड़ पर पहुंची। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, कम रोशनी और नींद के झोंके में चालक का बस पर नियंत्रण टूट गया।

जिससे बस पहले डिवाइडर से टकराई और फिर सड़क के किनारे पलट गई। यात्रियों के अनुसार तेज आवाज के साथ बस हिचकोले खाते हुए दो बार पलटी और फिर साइड में जा रूकी। हादसे की तीव्रता ऐसी थी कि बस का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और इसके शीशे, सीटें व सामान सड़क पर बिखर गए। मौके पर मौजूद कुछ यात्रियों ने बताया कि बस तेज गति से चल रही थी और मोड़ पर चालक अचानक ब्रेक लेता दिखा, जिसके बाद बस अनियंत्रित हो गई। बस पलटने के तुरंत बाद अंदर सवार यात्रियों में भगदड़ और चीख-पुकार मच गई। कई लोग सीटों के बीच फंस गए थे, कुछ खिड़कियों से बाहर फेंक दिए गए।

वहीं घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच में जुट गई। मामले की जानकारी देते हुए सहायक पुलिस आयुक्त (बिल्हौर) मंजय सिंह ने बताया कि भोर में करीब 4 बजे बिल्हौर तहसील के अरौल के पास आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर दिल्ली से बिहार के सीवान जा रही एक डबल डेकर बस पलट गई। उन्होंने बताया कि इस घटना में बस में सवार अनुराग (7 वर्षीय), शशि गिरि (40) और नसीम (30) नामक लोगों की मौत हो गई। अधिकारी ने बताया कि इस घटना में बस में सवार 15 अन्य लोग घायल हो गए जिन्हें पास के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) ले जाया गया, लेकिन उनकी गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें लाला लाजपत राय (हैलेट) अस्पताल रेफर कर दिया गया।

पुलिस ने तीनों शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिए हैं। यात्रियों के पास मिले बैग, टिकट और मोबाइल नंबरों की सहायता से परिजनों से संपर्क साधा जा रहा है। घटना में मरने वाले सभी यात्री बिहार के विभिन्न जिलों के निवासी बताए जा रहे हैं। पुलिस और एक्सप्रेसवे प्रशासन ने प्रारंभिक जांच शुरू कर दी है। शुरुआती संकेत चालक की नींद या रफ्तार को जिम्मेदार मान रहे हैं, लेकिन बस में तकनीकी खराबी या स्टेयरिंग फेल की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा रहा है। बस किस परिवहन कंपनी की थी और इसके मेंटेनेंस की स्थिति क्या थी, इसके दस्तावेज भी खंगाले जा रहे हैं। परिवहन विभाग की टीम भी मौके पर पहुंचकर साक्ष्य एकत्र कर रही है।

 

 

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