CISCE का 68वां वार्षिक सम्मेलन खत्म, 2000 से ज्यादा स्कूलों के प्रिंसिपल हुए शामिल, देखें वीडियो

Written by

in

चंडीगढ़: 68वां एजीएम और राष्ट्रीय वार्षिक सम्मेलन चंडीगढ़ में सफलापूर्वक खत्म हो गया है। यह सम्मेलन काउंसिल फॉर द इंडियन स्कूल सर्टिफिकेट एग्जामिनेशन्स से संबंधित 2000 से ज्यादा स्कूलों के प्रिंसिपल और प्रमुखों की उपस्थिति में किया गया था। यह तीन दिनों का सम्मेलन (19-21 सितंबर) बिल्डिंग स्ट्रॉन्गर स्कूल्स टुगेदर की थीम पर आधारित था।

सम्मेलन एकेएम रिजॉर्ट्स जीरकपुर में आयोजित किया गया था। इसमें देशभर के शैक्षणिक नेतृत्व को एक मंच पर लाते हुए स्कूल शिक्षा विभाग में उभरते हुए रुझानों, कौशल-आधारित पाठ्यक्रम, समावेशी शिक्षण प्रणालियों, प्रौद्योगिकी एकीकरण और वैश्विक शिक्षा मॉडल पर सामूहिक विमर्श का मौका दिया गया।

सम्मेलन ने देशभर के शैक्षणिक नेतृत्व को एक मंच पर लाते हुए स्कूल शिक्षा में उभरते रुझानों, कौशल-आधारित पाठ्यक्रम, समावेशी शिक्षण प्रणालियों, प्रौद्योगिकी एकीकरण और वैश्विक शिक्षा मॉडल पर सामूहिक विमर्श का अवसर दिया।

इस उद्घाटन सत्र में राज्यसभा सांसद और प्रख्यात शिक्षाविद डॉ. अशोक मित्तल ने संबोधन किया। वहीं 21 नवंबर को सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश एवं कर्नाटक उच्च न्यायालय के पूर्व मुख्य न्यायाधीश, जस्टिस, विक्रमजीत सेना मुख्य अतिथि के रुप में सम्मेलन की अध्यक्षा करने वाले हैं।

सम्मेलन के दौरान प्रतिभागियों ने थीमैटिक चर्चाओं, विशेषज्ञ प्रस्तुतियों, परामर्श सत्रों और कार्यशालाओं ने सहभागिता की। इनका उद्देश्य सीआईएससीई स्कूलों में शैक्षणिक उत्कृष्टता, प्रशासनिक दक्षता, शिक्षक विकास, विद्यार्थी कल्याण और आधुनिक शिक्षण परिवेश को मजबूत करना था।

भारतीय स्कूल प्रमाणपत्र परीक्षाओं की परिषद के वरिष्ठ नेतृत्व ने पूरे सम्मेलन में खास भूमिका अदा की। सीआईएससीई के चेयरमैन डॉ. जी. इम्मानुएनल ने कहा कि – शिक्षा तभी विकसित होती है जब नेता उद्देश्य के साथ एकजुट होते हैं। सहयोग और प्रगतिशील नीतियों के जरिए से हम ऐसे स्कूल बना रहे हैं जहां हर बच्चे के पास सफलता की शक्ति होगी।

इस मौके पर सीआईएससीई के द्वारा विकसित आठ जरुरी नीतिगत दस्तावेजों, हैंडबुक्स और संसाधन सामाग्रियों का भी औपचारिक विमोचन किया गया। सम्मेलन का मुख्य आकर्षण था डेरोजियो अवॉर्ड्स 2025 का वितरण इसके अंतर्गत शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले शिक्षकों और संंस्थानों को सम्मानित किया गया।

सीआईएससीई के मुख्य कार्यकारी और सचिव डॉ. जोसेफ इमैनुएल ने कहा कि हमारा लक्ष्य ऐसे छात्रों को तैयार करना है जो सिर्फ दुनिया से प्रतिस्पर्धा नहीं करते बल्कि उसमें योगदान भी देते हैं। ऐसे युवा जो वैश्विक दृष्टि से सोचते हैं जिम्मेदारी से काम करते हैं और अवसर तथा नवाचार के जरिए से समाज को आगे बढ़ाते हैं।

आयोजन क्षेत्र की सचिव निर्मल कौर ने देशभर से आए प्रतिनिधियों का स्वागत करते हुए सामूहिक प्रोजेक्ट्स और सतत सहयोग के महत्व को रेखांकित किया। सार्थक संवाद, ठोस संकल्पों और भविष्य उन्मुख कार्ययोजनाओं के साथ 68वां एजीएम और राष्ट्रीय सम्मेलन पूरा हुआ। सम्मेलन ने आने वाले सालों में देशभर के सीआईसएससीई स्कूलों की दिशा तय करने वाला शैक्षणिक मार्ग प्रशस्त किया तथा शिक्षा में उत्कृष्टता के प्रति परिषद की प्रतिबद्धता को और मजबूत बनाया।

Comments

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *