America में अवैध रूप से रह रहे 205 भारतीयों को वापस भेजा, घुसपैठ की घटनाएं भी 94% तक घटी

Written by

in

वॉशिंगटन डीसीः यूनाइटेड स्टेट ऑफ अमेरिकी में डोनाल्ड ट्रम्प के राष्ट्रपति बनते ही उन्होंने अवैध प्रवासियों के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। सोमवार को अमेरिका से अवैध अप्रवासियों को लेकर एक सैन्य विमान भारत के लिए रवाना हुआ।

बताया जा रहा है कि US एयरफोर्स का C-17 ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट अवैध अप्रवासियों को लेकर भारत के लिए उड़ान भर चुका है। इसे पहुंचने में कम से कम 24 घंटे लगेंगे। विमान के उड़ान भरने का समय भी नहीं बताया। इस एयरक्राफ्ट में 205 लोग सवार हैं। इन सभी की पहचान कर ली गई है। इस पूरी प्रकिया में भारत भी शामिल रहा। दरअसल, ट्रम्प ने अमेरिका के इतिहास का सबसे बड़ा डिपोर्टेशन करने का वादा किया था। इसके बाद इमिग्रेशन एंड कस्टम्स इन्फोर्समेंट (ICE) ने 15 लाख अवैध अप्रवासियों की लिस्ट तैयार की, जिसमें 18,000 भारतीय भी हैं।

ट्रम्प के सत्ता संभालने के पहले 11 दिन में ही 25 हजार से ज्यादा अवैध अप्रवासी हिरासत में लिए गए। ट्रम्प की आइस टीम (इमिग्रेशन एंड कस्टम इंफोर्समेंट) ने 12 राज्यों में छापे मारे। रिपोर्ट्स के मुताबिक ज्यादातर छापे की कार्रवाई रिपब्लिकन राज्यों में हुई हैं। इनमें 1700 अवैध अप्रवासी भारतीयों को हिरासत में लिया गया।

इस दौरान मेक्सिको बॉर्डर से घुसपैठ की घटनाएं 94% तक घटी हैं। बाइडेन के कार्यकाल में इस साल 1 जनवरी से 19 जनवरी के बीच हर दिन घुसपैठ की औसतन 2087 घटनाएं हुईं जबकि ट्रम्प के सत्ता संभालने के बाद 20 जनवरी से 31 जनवरी तक यह आंकड़ा 126 पर आ गया। प्यू रिसर्च सेंटर के आंकड़ों के मुताबिक, अमेरिका में लगभग 7.25 लाख अवैध भारतीय अप्रवासी रहते हैं। यह आंकड़ा अवैध प्रवासियों की तीसरी सबसे बड़ी संख्या है। पहले स्थान पर मेक्सिको और दूसरे पर अल साल्वाडोर के अप्रवासी हैं।

पिछले महीने भारत सरकार ने कहा था कि अवैध रूप से अमेरिका में रह रहे भारतीय नागरिकों को वापस लेने के मामले में भारत हमेशा तैयार रहा है। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा था कि भारत यह जांच कर रहा है कि अमेरिका में कितने भारतीय अवैध रूप से रह रहे हैं और इन्हें वापस भेजा जा सकता है या नहीं। मिली जानकारी के अनुसार अमरीका से डिपोर्ट किए गए 205 लोगों को भारत लेकर आ रही फ्लाइट कल सुबह अमृतसर के श्री गुर रामदास अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पहुंचेंगे।

Comments

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *