ऊना जिले में खाद्य सुरक्षा मानकों के कड़े पालन को लेकर उपायुक्त ने दिए सख्त निर्देश

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ऊना/सुशील पंडित: उपायुक्त जतिन लाल ने जिले में खाद्य सुरक्षा मानकों के प्रभावी पालन को सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे खाद्य सैंपलों की संख्या बढ़ाएं और नियमों का उल्लंघन करने वाले खाद्य व्यवसाय संचालकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करें। साथ ही, सहायक आयुक्त खाद्य सुरक्षा को राज्य कर एवं आबकारी विभाग, ऊना के साथ समन्वय स्थापित कर यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए कि उनके नियंत्रण क्षेत्र के सभी शराब विक्रेता अनिवार्य रूप से खाद्य लाइसेंस प्राप्त करें। यदि कोई विक्रेता लाइसेंस प्राप्त नहीं करता है, तो उसके खिलाफ जुर्माने की कार्रवाई की जाएगी।

ये बात उन्होंने बुधवार को खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत जिला स्तरीय सलाहकार समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए खाद्य सुरक्षा नियमों के प्रभावी क्रियान्वयन की समीक्षा के दौरान कही।  उपायुक्त ने कहा कि प्रशासन जिले में स्वस्थ, सुरक्षित और स्वच्छ खाद्य पदार्थों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने अधिकारियों को उपभोक्ताओं को जागरूक करने के लिए प्रभावी कदम उठाने को कहा।

बैठक में जिले में खाद्य सुरक्षा कानून के तहत अब तक की प्रवर्तन गतिविधियों और जन जागरूकता कार्यक्रमों की प्रगति की समीक्षा की गई। अधिकारियों ने अवगत कराया कि जिला में कुल 482 फूड लाइसेंस ऑपरेटर सक्रिय हैं। इसके अलावा 3985 फूड बिजनेस ऑपरेटर को खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण एक्ट के तहत पंजीकृत किया गया है। जिला में अप्रैल 2025 से 28 नवम्बर, 2025 तक 144 नए लाईसेंस बनाए गए जिससे 06 लाख 92 हज़ार रुपये और 1017 को भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण एक्ट के तहत पंजीकृत किया गया जिनसे 6 लाख 3 हज़ार  रुपये पंजीकरण शुल्क एकत्रित की गई। खाद्य व्यवसाय संचालकों को सुगम पंजीकरण और लाइसेंस प्रक्रिया के लिए ऑनलाइन सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है।

बैठक में बताया गया कि इस वर्ष खाद्य सुरक्षा अधिकारियों द्वारा 88 नमूने एकत्रित किए गए जिनमें से 62 का परीक्षण प्रयोगशाला में किया गया।  इनमें से 14 नमूने मानकों के अनुरूप नहीं पाए गए, जिनमें 2 असुरक्षित, 5 गलत ब्रांडिंग वाले, 07 अवमानक पाए गए, जबकि 48 नमूने मानक अनुरूप घोषित किए गए। खाद्य सुरक्षा नियमों के उल्लंघन पर 12 लाख उन्सठ हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया। दिवाली पर्व के दौरान खाद्य सुरक्षा अभियान के तहत 1500 किलोग्राम पनीर जब्त किया गया।

उपायुक्त जतिन लाल ने बताया कि खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण द्वारा  जिला ऊना को मोबाइल फूड टेस्टिंग लैब उपलब्ध करवाई गई है, जिसके माध्यम से दूध, तेल, जूस आदि का त्वरित और निःशुल्क परीक्षण किए जाएंगे। उन्होंने इस मोबाइल वैन के सुचारू संचालन लिए पर्याप्त स्टॉफ उपलब्ध करवाने का आश्वासन भी दिया। उन्होंने कहा कि यह वैन जागरूकता और निगरानी कार्यों में भी उपयोग होगी।

फूड फोर्टिफिकेशन को लेकर सरकार द्वारा दूध, खाद्य तेल, आटा, चावल और नमक को विटामिन और खनिजों से समृद्ध करने की पहल की गई है, जिससे लोगों को पोषणयुक्त आहार मिले। ऊना जिले में 1506 लीटर उपयोग में लाए जा चुके पुराने खाद्य तेल का संग्रहण कर बायोडीजल उत्पादन के लिए भेजा गया। खाद्य व्यवसाय संचालकों के लिए खाद्य सुरक्षा पर्यवेक्षकों का अनिवार्य प्रशिक्षण सुनिश्चित किया जा रहा है। बैठक में सहायक आयुक्त खाद्य सुरक्षा जगदीश धीमान, डीएफएससी राजीव शर्मा, उपनिदेशक कृषि डॉ. कुलभूषण धीमान सहित समिति के अन्य सदस्य उपस्थित रहे।

 

 

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