सत्ती ने विधानसभा शीतकालीन सत्र में रामपुर स्थित संतोषगढ़ रोड के क्षतिग्रस्त पुल का मुद्दा उठाया

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ऊना/सुशील पंडित: ऊना विधानसभा क्षेत्र के विधायक सतपाल सिंह सत्ती ने धर्मशाला में चल रहे विधानसभा के शीतकालीन सत्र में जिला मुख्यालय के रामपुर स्थित संतोषगढ़ रोड के क्षतिग्रस्त पुल का मुद्दा उठाया। विधायक ने कहा कि इस पुल को क्षतिग्रस्त हुए 2 साल बीत चुके हैं लेकिन आज तक सरकार इस पुल की जगह नए पुल का निर्माण नहीं करवा पाई, नए पुल का निर्माण तो दूर इसकी मरम्मत तक नहीं करवा पाई। उन्होंने कहा कि इस सरकार की फजीहत यहीं कम नहीं होती, इस पुल के ऊपर लोहे का वैली ब्रिज बनाकर लोगों के लिए मुसीबत को और भी बढ़ा दिया गया है। उन्होंने कहा कि इसी रोड पर इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन का टर्मिनल है, जहां से तेल की सप्लाई हिमाचल प्रदेश ही नहीं बल्कि हिमाचल के साथ पड़ोसी राज्यों में लेह लद्दाख तक जाती है। जिसके चलते रोजाना इसी पुल के ऊपर से करीब 300 से 400 टैंकर भी जाते हैं।

विधायक ने कहा कि इस पुल की जगह नए पुल के निर्माण के लिए 16 करोड रुपए का एस्टीमेट बना था जो बाद में नेगोशिएट होकर 10 से 12 करोड़ तक भी सिमट सकता था। लेकिन सरकार की कमजोर इच्छा शक्ति के चलते इस क्षतिग्रस्त पुल को जस का तस रहने दिया गया है। उन्होंने कहा कि इसी पुल के ऊपर बनाया गया लोहे का वैली ब्रिज भी कई बार क्षतिग्रस्त होने के चलते बार-बार ट्रैफिक को रोका गया। जिसका खामियाजा लोगों को भुगतना पड़ा। उन्होंने कहा कि केवल मात्र आइओसीएल का टर्मिनल नहीं बल्कि इसी रोड से होकर लोग संतोषगढ़ सहित एक दर्जन से अधिक पंचायतो और आगे पंजाब के लिए भी हज़ारों लोग निकलते हैं। उन्होंने कहा कि इस पुल पर बने वैली ब्रिज के ऊपर से जब आइओसीएल टर्मिनल के टैंकर या विभिन्न स्टोन क्रशर उद्योग से भारी भारी भरकम टिप्पर निकलते हैं तो डर बना रहता है कि कहीं यह लोहे का पुल भी टूट न जाए।

विधायक ने कहा कि इस मामले को कई बार मुख्यमंत्री सहित लोक निर्माण विभाग के मंत्री के समक्ष भी उठाया गया, लेकिन दुर्भाग्य यह है कि लोगों की इस पीड़ा को दूर करने के लिए सरकार के पास न तो समय है और नहीं सरकार बजट दे पा रही है। विधायक ने सदन के माध्यम से सरकार से यह मांग की है कि जल्द से जल्द इस पुल के लिए बजट का प्रावधान किया जाए ताकि इसका काम शुरू किया जा सके। उन्होंने कहा कि इसके निर्माण में भी काफी समय लगेगा ऐसे में जितना इस काम को लेट किया जाएगा उसका असर लोगों पर ही रहेगा। हालांकि विधायक द्वारा उठाए गए इस मसले को विधानसभा के अध्यक्ष कुलदीप पठानिया ने भी काफी गंभीर बताया। उन्होंने लोक निर्माण विभाग के मंत्री विक्रमादित्य सिंह के सदन में नहीं होने की स्थिति में सदन के माध्यम से लोक निर्माण विभाग और संबंधित मंत्री तक इस मसले को पहुंचाने की जिम्मेदारी भी ली है।

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